Begin typing your search above and press return to search.

Abortion Law India : बड़ा फैसला : अबॉर्शन के लिए पति की मंजूरी जरूरी नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा– महिला की मर्जी ही सर्वोपरि

Abortion Law India : दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम् फैसला लेते हुए हुए कहा हैं की अब अबॉर्शन के लिए पति की रजामंदी जरुरी नही होगी

Abortion Law India : बड़ा फैसला : अबॉर्शन के लिए पति की मंजूरी जरूरी नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा– महिला की मर्जी ही सर्वोपरि
X

Abortion Law India : बड़ा फैसला : अबॉर्शन के लिए पति की मंजूरी जरूरी नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा– महिला की मर्जी ही सर्वोपरि

By Uma Verma

दिल्ली : Delhi High Court Abortion Ruling : दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम् फैसला लेते हुए हुए कहा हैं की अब अबॉर्शन के लिए पति की रजामंदी जरुरी नही होगी, दिल्ली कोर्ट के पास एक मामला आया था, जिसमे महिला गर्भवती थी, और अपने पति से लग रह रही थी उस पर कोर्ट ने कहा किसी महिला को उसकी मर्जी के खिलाफ गर्भ रखने के लिए दबाव नही डाला जा सकता

Delhi High Court Abortion Ruling : जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा हैं की किसी भी महिला को के ऊपर जबरन गर्भ रखने के लिए दबाव नही डाला जा सकता यह सीधा सीधा किसी के भी अधिकार क्षेत्र से बाहर है महिला को किसी प्रकार की मानसिक परेशानी नही दी जा सकती कोर्ट के पास जो मामला आया था उसमे महिला अपने पति से लग रहती थी कोर्ट ने कहा पारिवारिक परेशानी जो भी हो लेकिन एक महिला को गर्भपात करने का अधिकार मान्य है इसे रोकने का कोई नियम धारा 312 में अवेलेबल नही है

हाई कोर्ट ने दिया क़ानूनी हवाला

हाई कोर्ट ने कहा Medical Termination of Pregnancy Act के तहत पति से इसकी अनुमति लेना कोई आवश्यक नही है महिला ने अदालत के आदेश को चेस किया था जिसे धारा 312 के तहत अदालत में पेश होने बोला गया, महिला ने अपना पक्ष रखते हुए गर्भपात कराने की बात कही कोर्ट ने उसके अधिकार को मानते हुए उसे गर्भपात की अनुमति दी


गुजरा भत्ते पर कोर्ट ने क्या कहा

दिल्ली हाई कोर्ट ने पति-पत्नी के बीच गुजारा भत्ता को लेकर एक भावुक टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ यह कह देने भर से कि पत्नी पढ़ी-लिखी है, उसे गुजारा भत्ता देने से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने आसान शब्दों में समझाते हुए कहा कि जब तक पति ठोस सबूत न दे, तब तक यह नहीं मान लेना चाहिए कि पत्नी पैसे कमा रही है या अपना खर्चा खुद उठा सकती है। इस मामले में महिला केवल 11वीं तक पढ़ी थी, जिस पर कोर्ट ने कहा कि बिना किसी कोई ठोस सबूत के यह अंदाजा लगा लेना गलत है कि इतनी कम शिक्षा वाली महिला आत्मनिर्भर होगी।

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

Read MoreRead Less

Next Story