अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी पर दिल्ली HC नाराज… कोर्ट ने कहा- यह दूसरी लहर नहीं सुनामी, कैसी है हमारी तैयारी

नईदिल्ली 24 अप्रैल 2021. दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में अहम सुनवाई जारी है. शनिवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट को लेकर सुनवाई के दौरान अदालत ने अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी पर नाराजगी जताई. इसके साथ ही दिल्ली सरकार से पूछा कि दिल्ली के लोगों को समय पर ऑक्सीजन मिले, इसके लिए सरकार अपना प्लांट क्यों नहीं लगाती है? वहीं, अदालत ने केंद्र से भी यह जानकारी मांगी कि दिल्ली को कितनी ऑक्सीजन मिलेगी और कैसे आएगी? इसके बारे में बताए.
हाई कोर्ट ने कहा कि यह दूसरी लहर नहीं है बल्कि यह एक सुनामी है और अभी भी नए मामलों में तेजी आ रही हैं. हम उम्मीद कर रहे हैं कि मई के मध्य में यह पीक पर पहुंच जाएगा. हम इसकी तैयारी कैसे कर रहे हैं?
केंद्र ने हाई कोर्ट से कहा कि आने वाले हफ्तों में नए मामलों में तेजी से वृद्धि हो सकती है. यह पैनिक करने की जरुरत नहीं है, लेकिन हमें सबसे बुरे के लिए तैयार रहना होगा.
इससे पहले महाराजा अग्रसेन अस्पताल ने दिल्ली HC से ऑक्सीजन की तत्काल आपूर्ति की मांग की है. अस्पताल का कहना है कि हम 306 रोगियों के साथ दो अस्पताल चला रहे हैं. कल रात ही हमारे यहां ऑक्सीजन लगभग खत्म हो चुकी थी. हमें दिल्ली के वकील का शुक्रिया अदा करना चाहिए, लेकिन हमारे पास आज दोपहर तक ऑक्सीजन खत्म हो जाएगी. इस वजह से हम मरीजों को डिस्चार्ज कर रहे हैं.
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस संबंध में विस्तृत ब्योरा मांगा है. हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार को अपने खुद का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की जरुरत है. वहीं, कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर कोई ऑक्सीजन की सप्लाई में रुकावट पैदा करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.
हाई कोर्ट ने केंद्र से सख्त लहजे में कहा कि हम एक निश्चित तारीख चाहते हैं कि दिल्ली को 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कब तक मिलना शुरू होगा. कोर्ट ने कहा कि कोई भी आपके इरादों पर संदेह नहीं कर रहा है, लेकिन फैक्ट यही है कि 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दिल्ली तक नहीं पहुंच रही है. हम लोगों को इस तरह मरने नहीं दे सकते.
दिल्ली सरकार के वकील: हमें जितनी ऑक्सीजन मिलेगी, वही हम सप्लाई कर सकेंगे. हम दिल्ली में ऑक्सिजन नहीं बना पा रहे हैं. केंद्र सरकार की ओर से महज भरोसे दिए जा रहे हैं. सॉलिसिटर जनरल ने दिल्ली सरकार के वकील से कहा कि मैं अब आपको चेतावनी दे रहा हूं, आप मेरे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं. आप जो कर रहे हैं वो बर्दाश्त करने लायक नहीं है. हम यहां चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. केंद्र ने कहा कि पूर्वी राज्यों में 15,000 टन से अधिक ऑक्सीजन है. स्टॉक में तेजी आ रही है.
इस बीच, जयपुर गोल्डन अस्पताल की तरफ से दिल्ली हाई कोर्ट को बताया गया कि कल (शुक्रवार) ऑक्सीजन की कमी से उसके यहां 25 मरीजों की मौत हो गई. ASG के माध्यम से केंद्र ने हाई कोर्ट को बताया कि हमारे अधिकारी लगातार दिन-रात काम कर रहे हैं कि ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके. केंद्र के अधिकारी पीयूष गोयल ने कहा कि कल हरियाणा और यूपी में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा था. केंद्र ने कहा कि भारतीय वायु सेना दुर्गापुर से ऑक्सीजन को एयरलिफ्ट करने की योजना पर कर रही है.
इससे पहले महाराजा अग्रसेन अस्पताल ने हाई कोर्ट से कहा कि हमें अपने मरीजों के लिए ऑक्सीजन की तत्काल आवश्यकता है. क्रिटिकल केयर यूनिट में 106 मरीज भर्ती हैं. अगर ऑक्सीजन नहीं मिली तो मरीजों को डिस्चार्ज करना पड़ेगा.
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि कल शुक्रवार को दिल्ली को केवल 295 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिला जबकि उसे 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित किया गया है. दिल्ली सरकार के वकील ने ऑक्सीजन निर्माता कंपनी भी अपने ओर से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं कर रहे हैं.
दिल्ली सरकार ने कोर्ट से कहा कि अगर हमें आवंटित 480 मीट्रिक टन तुरंत नहीं मिला तो कुछ गंभीर घटनाएं हो जाएंगी. अगर चीजें क्रम में नहीं डाली जाती हैं तो 24 घंटे के भीतर पूरा कामकाज ध्वस्त हो जाएगा.
दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि अभी हम 2 से 3 घंटे के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहे हैं, क्योंकि हमारे पास 24 घंटे का समय निर्धारित करने के लिए पर्याप्त नहीं है. हमारे 140 अस्पताल और नर्सिंग होम हैं जो अभी संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम एक बैक अप टीम बना रहे हैं. हम इसे आसानी से नहीं ले रहे. इसमें इंसानी जिंदगी दांव पर लगी हुई है.
