स्वास्थ्य मंत्री के स्वागत के चक्कर में मरीज की मौत :..हेल्थ मिनिस्टर मालाओं में लदे मुस्कराते रहे और जाम में फंसी एम्बुलेंस में मरीज तड़प-तड़पकर मर गया…..परिजन रो-रो कर गिड़गिड़ाते रहे, एंबुलेंस के आगे नेताजी कमर मटकाते रहे

रांची 3 फरवरी 2020। झारखंड से एक बुरी खबर है। स्वास्थ्य मंत्री के स्वागत जुलूस ने एक मरीज की जान ले ली, तो वहीं कई मरीज की जान पर बन आयी। मामला जमशेदपुर का है, जहां स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद बन्ना गुप्ता का स्वागत जुलूस की वजह से सड़क पर भयंकर जाम लग गया। जाम इतना लंबा हो गया कि मानगो पुल पर मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी इसमें फंस गयी । एक नही, दो नहीं पांच-पांच एंबुलेंस स्वागत जुलूस के जाम में फंसी रही, जिसकी वजह से सरायकेला के एक मरीज तापस कुमार की मौत हो गयी।

मरीज को एमजीएम से गंगा मेमोरियल अस्पताल लाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए मरीज के परिजन नेताओं के सामने गिडगिड़ाते रहे, लेकिन जश्न में मदमस्त नेताओं ने एक नहीं सुनी। एंबुलेंस में मरीज तड़प रहा था और एंबुलेंस के आगे नेताजी का डांस और जश्न चल रहा था। गुहार का असर नहीं होता देख परिजन फूट-फूटकर रोने लगे, लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा, लिहाजा एंबुलेंस में ही तड़प-तड़पकर मरीज की मौत हो गयी।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता रविवार को जमशेदपुर पहुंचे थे, इसी दौरान समर्थकों ने स्वागत रैली शुरू कर दी। स्वागत के दौरान नियमों को नेताओं ने जमकर ठेंगा दिखाया। शहर में धारा 144 लागू होने के बावजूद जमकर समर्थकों ने स्वागत जश्न मनाया। इस दौरान डिमना व पारडीह में 5 एंबुलेंस घंटों फंसी रही।

हालांकि जब इस मामले में बवाल मचा तो देर शाम खुद मंत्री ने एंबुलेंस ड्राइवर को पेश किया और बताया कि वो झूठ बोल रहा था, क्योंकि उसे जाम से निकलना था, वो मरीज लेकर नहीं डेड बॉडी लेकर जा रहा था। जबकि उसी ड्राइवर ने जाम के दौरान मीडिया को बताया कि वो मरीज लेकर जा रहा है और उसे रास्ता नहीं मिल रहा है।

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