केन्द्री में समूचे परिवार की मौत.. सवालों के जवाब तलाशने में जुटी रायपुर पुलिस.. पीएम रिपोर्ट के बाद बिसरा की भी होगी जाँच

रायपुर,17 नवंबर 2020। केंद्री में साहू परिवार की मौत मामले ने पुलिस को केवल इस समाधान तक पहुँचाया है कि, परिवार के मुखिया ने ही समूचे परिवार की हत्या कर दी है। लेकिन यह हत्या क्यों और किस तरह अंजाम दी गई इसे लेकर सवाल अब भी अनसुलझे हैं। पुलिस शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के साथ ही बिसरा परीक्षण रिपोर्ट की भी क़वायद कर रही है।
विदित हो कि केंद्री में 35 वर्षीय कमलेश साहू,अपनी मां ललिता,पत्नी 30 वर्षीया प्रमिला, 8 वर्षीय पुत्र नरेंद्र साहू और 10 वर्षीया पुत्री कृति के साथ रहता था। कमलेश साहू पेशे से वेल्डिंग मिस्त्री था। तड़के जबकि उसके घर का दरवाजा देर तक नही खुला तो मोहल्ले वालों का ध्यान गया। घर भीतर से बंद था लेकिन खिड़की खुली थी। खिड़की से झांकने पर कमलेश फाँसी पर लटकता दिखा जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौक़े पर पाया कि, दो अलग अलग कमरों में कुल पाँच लाशें मौजुद थीं। जिनमें से कमलेश को छोड़ कर सभी चारों के शव बिस्तर पर थे।कमलेश ने फाँसी लगाकर जान दी थी।
प्रारंभिक तौर पर जो पुलिस को जानकारी मिली है जिसमें फ़ॉरेंसिक विभाग के निष्कर्ष और शव परीक्षण में जूटे चिकित्सकों की शुरुआती राय शामिल है, उससे यह संकेत मिले हैं कि, कमलेश की मां ललिता साहू,तीस वर्षीया प्रमिला साहू, और दोनों बच्चों नरेंद्र और कृति की मौत दम घूँटने से हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि,कमलेश साहू ने पहले पूरे परिवार का गला घोंटा और फिर उनके मरने के बाद ख़ुदकुशी कर गया।
लेकिन पुलिस के लिए मसला यह भी है कि, यदि कपड़े या किसी रस्सी से गला घोंटा गया या कि हाथ से दबाया गया तो मृतकों के शरीर में प्रतिरोध के कोई प्रारंभिक चिन्ह क्यों नही मिल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों को इसलिए यह आशंका भी है कि, क्या इन चारों के भोजन में कोई नशीली चीज़ मिलाई गई थी जिससे प्रतिरोध करने तक की स्थिति नही थी।
जिस अंदाज में समूचा परिवार खत्म हुआ है, यह यक़ीन कर पाना बेहद कठिन है कि, यह निर्णय किसी तत्कालिक आवेश का परिणाम है। वरिष्ठ अधिकारी यह मान रहे हैं कि समूचे परिवार की हत्या कर ख़ुदकुशी करने का फ़ैसला सोचा समझा निर्णय था।
पुलिस के लिए यह जानकारी भी चौंकाती है कि, मृतक परिवार ने दीपावली का त्यौहार आतिशबाजी के साथ मनाया था, यह खबरें भी है कि दैनिक श्रम से आजीविका चलाने वाले इस परिवार में रोज़ी रोजगार को लेकर संकट था। जबकि पुलिस अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर थी तब मृतक बच्चों को पहनाए गए नए कपड़ों के नज़ारे ने भी पुलिस को सोचने पर मजबूर कर रखा है।
घटनाक्रम के कारणों की तलाश में जूटी पुलिस,परिवार के दो प्रमुख नंबरों जिनमें परिवार के मुखिया और पंक्तियों के लिखे जाने तक घटनाक्रम के दोषी याने परिजनों का हत्यारा माने जा रहे कमलेश साहू और उसकी पत्नी प्रमिला साहू का डाटा खंगाल रही है।

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