महिला TI व पुलिस टीम पर जानलेवा हमला : बदमाश को पकड़ने गयी पुलिस टीम पर रॉड व धारदार हथियार से हमला…..महिला टीआई का हाथ टूटा, सब इंस्पेक्टर सहित कई पुलिसकर्मी घायल…. पूर्व IAS अफसर ने गृहमंत्री को मामले की शिकायत की

महासमुंद 12 अप्रैल 2020। पिथौरा के एक बड़ी खबर आ रही है। लूट और मारपीट के आरोपी को पकड़ने गयी पुलिस टीम पर लोगों ने हमला कर दिया। रॉड और धारदार हथियार से हुए हमले में महिला थाना प्रभारी और सब इंस्पेक्टर सहित 5 पुलिसकर्मी घायल हो गये हैं। इधर इस मामले की शिकायत सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस बीपीएस नेताम ने गृह मंत्री से की है। पूर्व आईएएस ने महिला प्रभारी पर हुए हमले की निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

जानलेवा हमले में घायल हुए महिला TI ने NPG से घटना की पुष्टि की है। महिला थाना प्रभारी का हाथ फ्रैक्चर हो गया है, वहीं पीठ और पैर में भी गंभीर चोट आयी है, जबकि सब इंस्पेक्टर के पीठ पर रॉड और अन्य हथियार से हमला किया गया है। घटना पिथौरा की बतायी जा रही है, जहां गोपाल पांडेय नाम के व्यक्ति पर 11 अप्रैल को अर्जुनी गांव के डालेश्वर पटेल ने मामला दर्ज कराया था। लाकडाउन के बावजूद आरोपी गोपाल पर सामूहिक जुआ खिलवाने का गंभीर आरोप लगाया गया था। आरोपी के खिलाफ 341, 294, 323, 392 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

पूर्व की कई घटनाओं में भी गोपाल पांडेय आरोपी था, जिसके बाद थाना प्रभारी कमला पुसाम, सब इंस्पेक्टर सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के साथ आरोपी को पकड़ने के लिए पहुंची थी। पुलिस की टीम जैसे ही आरोपी के घर पहुंची, घर के 10 से 12 लोगों ने लाठी, डंडा, रॉड और धारदार हथियार से हमला बोल दिया। थाना प्रभारी कमला पुसाम ने बताया कि आरोपी के पिता ने हाथ में धारदार हथियार रखा था और काट डालने की धमकी दे रहा था। इसी बीच महिलाएं रॉड डंटा लेकर निकली और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।

महिलाओं का उग्र रूप देखकर किसी तरह पुलिस टीम वहां से बचकर निकलकर थाना पहुंची। इसी दौरान आरोपी मौका पाकर वहां से फरार हो गया। इस मामले में आरोपी के खिलाफ पिथोरा पुलिस ने 184,353  के साथ-साथ जानलेवा हमला और हत्या की कोशिश जैसे अपराध दर्ज करने जा रही है।

वहीं इस घटना को लेकर पूर्व आईएएस और आदिवासी समाज के अध्यक्ष बीपीएस नेताम ने गृह मंत्री ताम्रध्वज से शिकायत की है। समाज ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करने पर सर्व आदिवासी समाज सड़को पर उतरकर इसका विरोध करेगा।

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