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CU के नए कुलपति प्रो0 चक्रवाल ने दिया भरोसा… विवि को नई उंचाईयों पर ले जाने किया जाएगा हरसंभव प्रयास, उमंग, उत्साह और उल्लास का द्योतक बनेगा विश्वविद्यालय, कुलपति ने पहले दिन ली मैराथन बैठक

0 नए कुलपति के आगमन से विवि कैम्पस में आशा और उत्साह का संचार, फैकल्टी और स्टाफ में खुशी का वातावरण

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बिलासपुर, 26 जुलाई 2021। गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के नये कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने भरोसा दिया है कि बाबा गुरुघासीदास के नाम के अनुरूप इस विश्वविद्यालय को शिक्षा जगत की नई उंचाइयों पर ले जाने में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा….यह महायज्ञ सभी से संवाद, सामंजस्य एवं सहयोग से संपन्न किया जाएगा। कुलपति ने इस पर खास जोर दिया कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी अब उमंग, उत्साह, उल्लास और प्रसन्नता का द्योतक बनेगा।
नए कुलपति प्रो0 चक्रवाल की अध्यक्षता में समस्त विद्यापीठों के अधिष्ठाताओँ एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण द्वारा अपनी-अपनी विद्यापीठों का परिचय प्रदान किया गया। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलन कर मां सरस्वती की प्रतिमा एवं बाबा गुरु घासीदास जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के तरंग बैंड द्वारा सरस्वती वंदना एवं कुलगीत की मोहक प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. शैलेन्द्र कुमार ने स्वागत उद्बोधन के साथ विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल के जीवनवृत्त का संक्षिप्त परिचय दिया।
कुलपति चक्रवाल ने अधिष्ठाताओं, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों, कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को शिक्षा जगत की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए सभी से समुचित सकारात्मक, संगठित सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि मन, वचन एवं कर्म से संत गुरु घासीदास जी के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय रूपी वृक्ष को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वटवृक्ष के रूप में प्रतिस्थापित करने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
प्रो0 चक्रवाल ने सभागार में उपस्थित जनों से कहा कि हमारे पास संभावनाएं, अवसर और लक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन पर अग्रसर होकर हम नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को विश्वविद्यालय में लागू कर सकते हैं। नैक की तैयारी के लिए भी समयबद्ध एवं चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महायज्ञ में सभी से संवाद, सामंजस्य एवं सहयोग स्थापित होगा।
इससे पूर्व विश्वविद्यालय की समस्त ग्यारह विद्यापीठों के अधिष्ठाताओं एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण द्वारा उनके अंतर्गत आने वाले विभागों का संक्षिप्त परिचय एवं उपलब्धियों के विषय में जानकारी माननीय कुलपति के समक्ष प्रस्तुत की।
प्रोफेसर चक्रवाल एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा विश्वविद्यालय की प्रथम महिला प्रो. नीलाबंरी का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. शैलेन्द्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गरिमा तिवारी, सहायक प्राध्यापक वानिकी, वन्य जीव एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।


कुलपति ने आज प्रातः 9.30 बजे से 12 बजे तक दो अन्य बैठकों की अध्यक्षता भी की। जिसमें समस्त विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, निदेशक मानव संसाधन विकास केन्द्र के साथ समस्त अधिकारियों एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारियों से परिचय प्राप्त करते हुए अपनी प्राथमिकताओँ को रेखांकित किया। नवनियुक्त कुलपति के आगमन से विश्वविद्यालय में उत्साह एवं उल्लास का माहौल है।

 

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