CS आरपी मंडल ने दिए अधिकारियों को आदेश…राजनैतिक प्रकरणों तथा आदिवासियों के प्रकरणों की समय-सीमा में विवेचना कर प्रकरण वापसी की कार्यवाही सुनिश्चित करें

रायपुर, 16 अक्टूबर 2020। मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने आज चिप्स कार्यालय में विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तथा वन मण्डलाधिकारियों के साथ राजनैतिक प्रकरणों की वापसी, आदिवासियों के प्रकरणों की वापसी, धान खरीदी की तैयारी तथा बारदाने की व्यवस्था, किसान पंजीयन एवं गिरदावरी की समीक्षा, वर्ष 1019-20 के धान का निराकरण, वर्मी टैंकों का निर्माण, वर्मी टैंकों का भराव, सीअीटी एवं डीकम्पोजर्स का उपयोग, वर्मी टैंकों में वर्म की उपलब्धता एवं उपयोग, पैक्स के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट का परीक्षण, पैकिंग एवं विक्रय, उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल एवं कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम आदि की विस्तृत समीक्षा की एवं अनेक निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए है कि राजनैतिक प्रकरणों की वापसी, आदिवासियों के प्रकरणों की वापसी तथा अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत पिड़ित परिवार तथा रेप पिड़िता को तत्काल लंबित मुआवजा प्रदान किया जाए। अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक तथा संचालक लोक अभियोजन 7 दिनों में इसकी प्रगति देखेंगे। मुख्य सचिव द्वारा यह भी निर्देश दिए गए कि प्रकरण वापसी के संबंध में समस्त पुलिस अधीक्षक अपना स्पष्ट अभिमत दें ताकि प्रकरण वापसी में दिक्कत न हो। स्पष्ट अभिमत नहीं होने पर प्रकरण वापसी में दिक्कत होती है।
मुख्य सचिव ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम हेतु कोविड एप्रोप्रीएट बेहेवियर का सम्पूर्ण क्रियान्वयन किया जाना है। इस हेतु मास्क पहनना, दो गज की दूरी रखना तथा हाथ धोना जैसे व्यवहार सम्मिलित है। आने वाले त्यौहारों के समय को देखते हुए उक्त तीनों व्यवहारों का क्रियान्वयन अति महत्वपूर्ण है। मुख्य सचिव ने कहा कि राशन दुकान, पेट्रोल पम्प, आबकारी शराब दुकान में उक्त बेहेवियर का पालन सुनिश्चित हो। ठण्ड में प्रदूषण बढ़ता है तो वायरस की बढ़ने की संभावना रहती है इसलिए समस्त संभागायुक्त इसे क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वर्मी कम्पोस्ट टैंक पर्याप्त मात्रा में नहीं बने है, इसे तत्काल बनायें। निरंतर टैंकों में गोबर भराव की आवश्यकता है। बारिश खत्म होगी तो सीपीटी एवं डीकम्पोजर्स का उपयोग किया जा सकता है। वर्मी कम्पोस्ट की टेस्टिंग होना जरूरी है। पैकिंग के संबंध में विभाग द्वारा विस्त्रत दिशा निर्देश जारी किए गए है।पैक्स के माध्यम से ही इसकी खरीदी होनी है ये सुनिश्चित कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री की धान खरीदी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इस हेतु गिरदावरी एक्चुअल और एक्युरेट होना चाहिए ताकि किसानों का धान शत प्रतिशत खरीदा जा सके। मुख्य सचिव ने कहा की माननीय मुख्यमंत्रीजी ने निर्देश दिये है कि धान खरीदी के पहले गिरदावरी का काम सत प्रतिशत होना चाहिए। धान खरीदी का सीजन एक माह बचा है। हमे धान खरीदी हेतु प्लानवे में काम करना है। 20-21 हजार करोड़ की धान की खरीदी होती है, इसलिए 15 नवम्बर तक इसकी तैयारी कर लेनी है। बारदानें की शार्टेज के कारण धान खरीदी में दिक्कत होती है, यह नहीं होना चािहए, सभी संभागायुक्त बोरा हेतु कार्ययोजना बनाकर 7 दिन में सुनिश्चित करना है। खाद्य आयुक्त जहां से बोरे आते है, कोरोना के कारण नए बोरे की उपलब्धता कम है। इस बार इसकी पूर्ति पीडीएस के बारदाने, मिलर्स के बारदाने तथा काॅपरेटिव संस्थाएं के पास के बारदाने से करना है। इसकी तैयारी 15 नवम्बर के पूर्व कर लें। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि वर्ष 2019-20 के 5 लाख 50 हजार टन उठाव हेतु शेष है, इसका 15 नवम्बर तक किसी भी हालत में उठाव कराना है। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि किसान पंजीयन 15 नवम्बर के पूर्व शतप्रतिशत होना चािहए ताकि किसानों से शतप्रतिशत धान खरीदा जा सके। धान खरीदी से पहले शतप्रतिशत चबुतरा तैयार हो, यह सुनिश्चित किया जाए। माननीय मुख्यमंत्रीजी ने निर्देश दिये है कि धान उपार्जन केन्द्र से संग्रहण केन्द्र नहीं ले जाना है, ताकि परिवहन व्यय एवं समय की बचत हो सके।
मुख्य सचिव निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप एफआरए के हितग्राहियों को 100 दिन का सामान्य तथा 50 दिन भारत सरकार एफआरए के अनुसार इस प्रकार 200 दिन का मानव कार्य एफआरए हितग्राहियों को दिया जाना सुनिश्चित करें। 4.25 लाख से ज्यादा एफआरए हितग्राहियों को काम देना है, इस हेतु पूरे फाॅरेस्ट के डीएफओ, सीईओ तथा जिला कलेक्टर यह सुनिश्चित करें साथ ही एफआरए हितग्राहियों की पटटे के जमीन में स्थानीय प्रजाति के फलदार वृक्ष लगाना है और इंटर-क्रोपिंग करके तिखूर हल्दी, अदरक जिमीकंद लगाकर उनकी आय में वृद्धि करना है। मुख्य सचिव ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्रीजी के निर्देशानुसार मनेरगा से सुपोषण अभियान में 10 गांव में 10 मुर्गी शेड बनाना है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल 51 चयनित है इसकी स्वीकृति जारी की गई तथा सेट-अप भी जारी किया गया है। जहां पहले से स्कूल का नाम नहीं है वहां स्वामी आत्मानंद इंगलिश स्कूल तथा जहां पहले से स्कूल नाम है वहां स्वामी आत्मानंद इंगलिश स्कूल अंतर्गत………….इंगलिश स्कूल नामकरण किया जाना है। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिये जिन शिक्षा कर्मियों की 02 वर्षो की सेवा अवधि हो गई है उनका संविलियन किया जाना है, उनका संविलियन 1 नवम्बर की स्थिति में किया जाना है। यदि संविलियन का मामला राज्य स्तर का हो तो उसे राज्य शासन को भेज दे।
वीडियो कान्फ्रेसिंग पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक राकेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव सब्रुत साहू, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती रेणुजी पिल्ले, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग गौरव द्विवेदी, कृषि उत्पादन आयुक्त डाॅ. एम.गीता, खाद्य सचिव कमल प्रीत सिंह, राजस्व सचिव सुश्री रीता शांडिल्य, महिला एवं बाल विकास तथा सहकारिता सचिव प्रसन्ना आर., एम.डी.मार्कफेड अंकित आनंद, संचालक लोक शिक्षण जितेन्द्र शुक्ला एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

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