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रायपुर में धर्मांतरण की कोशिश: बीमारी ठीक करने का दिया लालच, प्रार्थना के नाम पर धर्म बदलने का बना रहा था दबाव

रायपुर में बीमारी ठीक करने का लालच देकर और प्रार्थना के नाम पर जबरन धर्म बदलने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

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फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

By Chitrsen Sahu

रायपुर 16 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धर्मांतरण की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने रविवार को मामले में आरोपी अनुप शेण्डे को गिरफ्तार किया है, जो बीमारी ठीक करने का लालच देकर और प्रार्थना कराकर आदिवासी परिवार को ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहा था। यह पूरा मामला खरोरा थाना क्षेत्र का है।

क्या है पूरा मामला ?

खरोरा थाना पुलिस ने जबरन धर्मातरण की कोशिश करने वाले के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो आदिवासी परिवार को बीमारी ठीक करने का लालच देकर और प्रार्थना कराकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहा था। इतना ही नहीं हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपशब्द भी कह रहा था। परिवार के मुख्या की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी पर क्या आरोप लगे ?

खरोरा थाना क्षेत्र के गांव कठिया नंबर 1 में रहने वाले रोहित उईके ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 15 मार्च की सुबह 10 बजे अनुप शेण्डे उसके घर के सामने आया और प्रार्थना कराकर परिवार पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया। रोहित उईके ने बताया कि इससे पहले भी अनुप गांव के लोगों को बीमारी ठीक करने का लालच देकर प्रार्थना कराता था और हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ अपशब्द कहकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करता था।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

इसी के चलते रोहित की चाची सुखवंतीन बाई ऊइके ने भी अपने घर से हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर हटाकर ईसाई धर्म अपना लिया है। शिकायत के बाद एक्शन में आई पुलिस की टीम ने आरोपी अनुप शेण्डे को गिरफ्तार कर लिया। इसी के साथ ही पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।

धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने पर क्या सजा मिलती है ?

अगर आपके भी मन में ये सवाल आ रहा है कि धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने पर क्या कार्रवाई और कौन सी सजा मिलती है, तो आपको बता दें कि महाराष्ट्र (2026 प्रस्तावित) और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में धर्मांतरण के लिए जबरन दबाव बनाना संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है। इसके तहत आरोपी को 3 साल से लेकर 10 साल तक की सजा हो सकती है और नाबालिग, महिला या SC-ST के लिए सजा और ज्यादा सख्त हो सकती है। साथ ही 5 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

Chitrsen Sahu

मेरा नाम चित्रसेन साहू है, मै साल 2017 से जर्नलिज्म के फील्ड पर हूं। मैने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (BJMC) के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (M.SC EM) किया है। MY NEWS 36, JUST 36 NEWS, RPL NEWS, INH24x7 NEWS, TV24 NEWS के बाद NPG NEWS में डेस्क एडिटर्स पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे क्राइम-राजनीतिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर खास इंटरेस्ट है।

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