नाबालिग लड़के से कुकर्म, वीडियो भी बनाया..कोरबा और बलौदाबाजार के दरिंदों को मिली कड़ी सजा
Crime News: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में कोरबा और बलौदाबाजार के दो दरिंदों को कोर्ट ने वारदात के 11 माह के भीतर कड़ी सजा सुनाई है। कुकर्म और लैंगिक हमले का शिकार एक नाबालिग किशोर है, जिसे अपहरण कर जंगल की ओर ले जाया गया था।

फोटो - इंटरनेट
Gaurela-Pendra-Marwahi Crime News: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में बीते साल 21 अप्रैल को एक जघन्य और शर्मसार करने वाली कुकर्म की घटना घटी थी। इस वारदात में दो दरिंदे शामिल थे। विशेष अतिक्ति न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने इस पर फैसला सुनाते हुए दोनों दरिंदों को दस- दस साल के कठोर कारावास की सजा सुना दी है।
इस मामले में अपराधी साबित होने वाले कोरबा के आदेश उर्फ अंशु जॉन और बलौदाबाजार के विकास मसीह उर्फ लाली को पॉक्सो एक्ट सहित भारतीय न्याय संहित की अनेक धाराओं में दिए गए प्रावधान के अनुसार दंड दिया गया है। कोर्ट ने माना कि यह जघन्य कृत्य कुकर्म के शिकार नाबालिग किशोर के मन मस्तिष्क और शारीरिक स्थिति पर गहरा असर डाल रहा है। इसलिए जज ने फैसले में लिखा है कि इसकी भरपाई केवल दंड देकर नहीं की जा सकती, बल्कि दोषियों को कठोर सजा देनी जरुरी है।
जिले के गौरेला थाना क्षेत्र में यह गंभीर वारदात 21 अप्रैल 2025 को रात में की गई थी। अभियोजन डायरी के अनुसार उस रात घटना का शिकार नाबालिग किशोर अपने दोस्त के घर जा रहा था। रास्ते ही इसे दोनों आरोपी मिले और उसे जबरदस्ती अपनी बाइक पर बिठा कर सुमन निकेतन चर्चा के पीछे ले गए, जहां जंगल है। आरोपियों ने इस किशोर के साथ न केवल कुकृत्य किया, बल्कि उसका वीडियो भी बना लिया। वारदात के बाद नाबालिग किशोर को धमकाया गया था कि वह इसकी जानकारी किसी को न दे।
घटना की शिकायत पर गौरेला थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
न्यायालय ने वारदात के एक साल के भीतर ही फैसला सुना दिया है। दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए दस- दस साल के कठोर कारावास और दस- दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की रकम पीडि़त किशोर को इलाज और पुनर्वास के लिए मिलेगी। जुर्माना का भुगतान नहीं होने की स्थिति में तीन- तीन माह के सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। जज ने अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई है, जो मुख्य धारा के साथ- साथ चलेगी। राज्य शासन की ओर से इस केस की पैरवी विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ठाकुर ने की।
