BEO ऑफिस में करोड़ों का घोटाला: अकाउंटेंट ने रिटायर और फर्जी नामों पर निकली सैलरी, जानिए कैसे हुआ खुलासा
पनागर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय (BEO) में 2018 से 2026 के बीच 1 करोड़ 11 लाख 45 हजार 914 रुपए का घोटाला हुआ है।

जबलपुर 21 मार्च 2026, मध्यप्रदेश के जबलपुर से शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला सामने आया है। पनागर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय (BEO) में 2018 से 2026 के बीच 1 करोड़ 11 लाख 45 हजार 914 रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ है। भोपाल मुख्यालय से आई डाटा रिपोर्ट में संदिग्ध ट्रांजेक्शन के बाद मामला सामने आया। अकाउंटेंट ने न सिर्फ अपने परिवार की जेब भरी बल्कि रिटार्यड हो चुके कर्मचारियों को भी मालामाल कर दिया। इस मामले में तीन शिक्षक समेत 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है।
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा ?
बताया जा रहा है कि भोपाल के कोष लेखा विभाग से जबलपुर कलेक्टर को इनपुट मिला कि स्कूल शिक्षा विभाग के पनागर ब्लॉक में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है। इसमें बताया गया कि अतिथि शिक्षकों के नाम पर 2018 से वेतन निकाला जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लोगों के नाम पर वेतन निकाला गया, उनमें कई रिटायर कर्मचारी और ऐसे लोग भी शामिल थे जो कभी नौकरी में रहे ही नहीं।
कैसे किया लाखों का घोटाला ?
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी ने फर्जी वेंडर बनाकर और बैंक डिटेल्स बदलकर यह राशि अपने परिवार और अन्य सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर कर दी। कलेक्टर के निर्देश के बाद 9 सदस्यीय जांच टीम गठित की और जब विजय कुमार सहित अन्य लोगों के खाते चेक किए गए, तो सभी के खातों में लाखों रुपए निकले।
कैसे करता था धोखाधड़ी ?
जांच में सामने आया कि विजय कुमार भलावी 2016 से पनागर ब्लॉक में अकाउंटेंट के पद पर पदस्थ था। 2018 से 2026 के बीच तीन शिक्षा अधिकारी पदस्थ रहे, जिनकी लॉगइन पासवर्ड से यह राशि निकाली गई और फिर बाद में उसे 16 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। जांच में यह खुलासा हुआ कि विजय कुमार शिक्षक की सूची में ऐसे नाम जोड़ देता था, जो कहीं शिक्षक है ही नहीं। इसके बाद जब उनके नाम की सैलरी आती, तो उसे निकालकर वह अपनी पत्नी और दो बेटियों सहित अन्य साथियों के खातों में ट्रांसफर कर देता था।
किसके-किसके खाते में ट्रांसफर हुए पैसे ?
जांच में सामने आया कि ट्रेजरी के सॉफ्टवेयर में फर्जी वेंडर बनाए गए और बैंक अकाउंट की डिटेल्स बदल दी गई। जिन लोगों के खाते में लाखों रुपए मिले हैं उनमें शिक्षा विभाग में पदस्थ अकाउंटेंट विजय कुमार भलावी की पत्नी और दो बेटी, तीन पूर्व शिक्षा अधिकारी शैलबाला डोंगरे, त्रयंबक गणेश खरे और नरेंद्र तिवारी शामिल है। इसके अलावा जयंती भलावी, माधुरी भलावी, रागिनी भलावी, रानू भलावी, समीर कोष्ठा, माला नेमा और पूर्व अतिथि शिक्षक सुचित्रा पटेल शामिल है। इन सभी के खातों में कुल 1 करोड़ 11 लाख 45 हजार 914 रुपए भेजे गए हैं।
जांच कमेटी ने मामले में क्या कहा ?
जांच कमेटी का इस मामले में कहना है कि हर एक ट्रांजेक्शन का बारीकी से मिलान किया है। यह शासकीय राशि का सीधा गबन है, जिसमें सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ की गई। सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पनागर विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोनम कटारे की शिकायत पर पुलिस ने 14 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
