कुख्यात बदमाश के बेटे पर हमला: घर पर फायरिंग करने के बाद अस्पताल के बाहर भी बरसाईं गोलियां
Bhopal Firing: भोपाल में 7 से 8 बदमाशों ने कुख्यात बदमाश लल्लू रईस के घर पर फायरिंग कर दी। इसके बाद आरोपी उनका पीछा करते-करते हमीदिया अस्पताल तक पहुंच गए और वहां भी फायरिंग कर दी।

भोपाल 14 मार्च 2026, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गैंगवार देखने को मिला है। शनिवार सुबह 7 से 8 बदमाशों ने कुख्यात बदमाश लल्लू रईस के घर पर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में लल्लू रईस का बेटा इमरान घायल हो गया। इमरान को जब इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लाया गया, तो बदमाशों ने वहां भी पहुंचकर फायरिंग की। हालांकि गोली इमरजेंसी गेट में जाकर धस गई। इस फायरिंग से अशोका गार्डन और कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दहशत का माहौल हैं।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, कुख्यात बदमाश लल्लू रईस अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के शंकर गार्डन इलाके में रहता है। शनिवार सुबह 5:45 के आसपास 7 से 8 हथियारबंद बदमाशों ने लल्लू रईस के घर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोलीबारी की आवाज सुनकर लल्लू रईस का बेटा बाहर आया, तो बदमाशों ने उसपर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में गोली इमरान के पैर को छूकर निकल गई, जिससे वह घायल हो गया।
घर के बाद अस्पताल में भी फायरिंग
घटना के बाद जब उसे कोहेफिजा थाना क्षेत्र के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, तो बदमाश वहां भी पहुंच गए और इमरजेंसी गेट के पास ही फायरिंग कर दी। हालांकि गोली अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर जा लगी, जिसके कारण कोई जनहानि नहीं हुई। दूसरी बार फायरिंग कर सभी बदमाश फरार हो गए।
आखिर क्यों की फायरिंग ?
इसके बाद लल्लू रईस ने इसकी शिकायत थाने में कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया कि शादाब गेट ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि लल्लू रईस और शादाब के बीच लंबे समय से दुश्मनी चल रही है। शादाब अपने साथियों के साथ जुआ सट्टा का कारोबार चलाता है। पुलिस को शक है कि लल्लू उनके अड्डों की जानकारी देता था, इसी मुखबिरी के कारण उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया होगा। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में सीसीटीवी खंगाल रही है।
हत्या की कोशिश करने पर कौन सी धारा लगती है?
अगर आपको नहीं पता तो बता दें कि हत्या की कोशिश करने वाले पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 लगाई जाती है। वहीं बात करें सजा की तो अगर चोट नहीं पहुंचती है तो 10 साल और गंभीर चोट पहुंचती है तो आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
