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Dhamtari Crime News: म्यूल अकाउंट से ठगी, लोन के नाम पर QR कोड से उड़ाए पैसे, इस तरह हुआ मामले का खुलासा

Mule Account Se Thagi: धमतरी: छत्तीसगढ़ की धमतरी में म्यूल अकाउंट से ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां लोन के नाम पर QR कोड से पैसे उड़ा लिए गए।

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फोटो सोर्स- npg.news

By Chitrsen Sahu

Mule Account Se Thagi: धमतरी: छत्तीसगढ़ की धमतरी पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरीए ठगी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक म्यूल अकाउंट धारक को गिरफ्तार किया है, जिसके खाते में ठगी के रुपए आए थे। साथ ही पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है। यह पूरा मामला मगरलोड थाना क्षेत्र का है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, धमतरी पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में म्यूल अकाउंट और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में एक म्यूल अकाउंट धारक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खाते में ठगी की रकम जमा की गई थी, जिसका खुलासा जांच में हुआ। इसी के साथ ही पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।

खाते में आए ऑनलाइन ठगी के 24 हजार

जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से मिले अनलॉजमेंट नंबर के आधार पर म्यूल अकाउंट लेयर 1 के खाता धारक का निरीक्षण किया गया, जिसमें सामने आया कि 6 फरवरी 2026 को मेघा शाखा के बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में ऑनलाइन ठगी के 24 हजार रुपए आए हैं। जब पुलिस ने इसकी जांच की तो पता चला कि यह खाता बेलोरा गांव में रहने वाले धमेन्द्र कुमार साहू का है।

इस तरह दिया ठगी को अंजाम

पीड़ितों और गवाहों से पूछताछ की गई, तो पता चला कि एक व्यक्ति ने धनलक्ष्मी बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर उनका मोबाइल लेकर ऑनलाइन लोन आवेदन के बहाने फोन पे का पासवर्ड ले लिया और क्यूआर कोड के माध्यम से 24 हजार रुपए की धोखाधड़ी की।

आरोपी पहुंचा जेल

जांच में पता चला कि ठगी की राशि आरोपी धमेन्द्र कुमार साहू के खाते में आई है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने क्यूआर कोड के माध्यम से अपने मोबाइल में राशि हासिल की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया। साथ ही उसे गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायीक रिमांड पर जेल भेज दिया।

म्यूल अकाउंट क्या होता है?-

म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसे कोई व्यक्ति अपने नाम से खोलकर या अपना खाता दूसरों को इस्तेमाल करने देता है, ताकि अपराध से कमाए गए पैसों का लेन -देन किया जा सके। अक्सर साइबर ठग ऐसे खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश, लोन ऐप, ओटीपी फ्रॉड आदि में करते हैं। कई बार खाताधारक को लालच देकर या झांसा देकर फंसाया जाता है, लेकिन कानूनी जिम्मेदारी खाताधारक की ही होती है।

म्यूल अकाउंट से बचने के लिए धमतरी पुलिस की अपील

  • अपना बैंक खाता, ATM, UPI, OTP, चेकबुक किसी को न दें
  • आसान पैसे या कमीशन के लालच में न आएं
  • अनजान कॉल/मैसेज पर केवाईसी अपडेट न करें
  • संदेह होने पर तुरंत 112 या नजदीकी थाना/साइबर सेल से संपर्क करें
  • किसी ने खाता इस्तेमाल करने को कहा हो तो मना करें और सूचना दें।
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