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CG आवास ऋण घोटालाः सहकारी समिति के अध्यक्ष और आवास पर्यवेक्षक गिरफ्तार, 26 साल पुराने गृह ऋण घोटाले में एसीबी की कार्रवाई

CG Housing Loan Scam: छत्तीसगढ़ में 26 साल पुराने गृह निर्माण ऋण घोटाले में दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ने 1.86 करोड़ का गबन किया था।

CG आवास ऋण घोटालाः सहकारी समिति के अध्यक्ष और आवास पर्यवेक्षक गिरफ्तार, 26 साल पुराने गृह ऋण घोटाले में एसीबी की कार्रवाई
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By Sandeep Kumar

CG Housing Loan Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने 26 साल पुराने गृह निर्माण ऋण घोटाले में दो बड़ी गिरफ्तार की है। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने मुख्य आरोपी गृह निर्माण सहकारी समिति के अध्यक्ष और आवास संघ के आवास पर्यवेक्षक को गिरफ्तार किया है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 19/2000, धारा 120बी, 406, 409, 420, 467, 468, 471 भादवि तथा धारा 13(1)(-mathbb{H}) 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रकरण दर्ज है। जांच के दौरान यह पाया गया कि वर्ष 1995 से 1998 के बीच शासन की सरकारी आवासीय योजना के अंतर्गत जरूरतमंद व्यक्तियों को मकान निर्माण हेतु ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी।

आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर के तत्कालीन अध्यक्ष आरोपी थावरदास माधवानी द्वारा अपनी समिति के 186 सदस्यों के नाम पर 1-1 लाख रुपये, कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपये का गृह निर्माण ऋण मध्यप्रदेश सहकारी आवास संघ मर्यादित क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से प्राप्त किया गया।

ऋण अभिलेखों में गृह निर्माण स्थल ग्राम रायपुरा एवं पंडरीकांचा दर्शाया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर उक्त प्रकरण का सत्यापन कराया गया, किन्तु सत्यापन में भी गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत कर निर्माण कार्य पूर्ण होना बताया गया। बाद में कराये गये भौतिक सत्यापन में उक्त स्थलों पर न तो कोई मकान निर्मित पाया गया और न ही ऋण प्राप्त करने वाले व्यक्ति वहां उपलब्ध थे।

जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश सहकारी आवास संघ के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के तत्कालीन क्षेत्रीय अधिकारी स्व. ए.ई. ग्रेबियल द्वारा बिना समुचित जांच के ऋण आवेदन स्वीकृ त कर आवास संघ मुख्यालय को अग्रेषित किये गये, जिसके आधार पर ऋण स्वीकृत कराया गया। उनके द्वारा ऋणों के उपयोगिता प्रमाण पत्र तथा निर्माण के विभिन्न चरणों के पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी किये गये। आरोपी बसंत कुमार साहू, तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक, द्वारा भी भवन निर्मित होने का प्रमाण पत्र जारी किया गया।

आरोपियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर कूटरचित अभिलेखों का उपयोग करते हुए आवास संघ से गृह निर्माण हेतु धोखाधड़ीपूर्वक ऋण स्वीकृत कराया गया तथा राशि 1 करोड़ 86 लाख रुपये का बंदरबांट कर आपस में वितरित कर लिया गया। प्रकरण के अन्य दो नामजद आरोपी अब दिवंगत हो चुके हैं।

गिरफ्तार आरोपियों को पूर्व में कई बार नोटिस तामील करने का प्रयास किया गया, किन्तु वे अपने पते पर नहीं मिले तथा छिपकर रह रहे थे। आज 18 मार्च को प्रकरण में आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर के तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास माधवानी एवं सहकारी आवास संघ मर्यादित रायपुर के तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक बसंत कुमार साहू को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर 25 मार्च तक पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया है।

Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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