CG Crime: इस काईम स्टोरी को पढ़कर आप हिल जाएंगे, दृश्यम फिल्म से भी ज्यादा शातिर आरोपी, करोड़ों की संपत्ति के लालच में सगे भाइयों ने ऐसी रची साजिश
CG Crime:छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के इस मर्डर मिस्ट्री को पढ़कर आप सिहर जाएंगे...आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे कि संपत्ति के लालच में रिश्तेदार कैसे खूनी हो सकते हैं। आरोपियों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने ऐसा स्टोरी बनाया कि दृश्यम फिल्म की कहानी भी फेल हो जाएगी। आरोपियो ने खुद ही पुलिस को गुमराह करने थाने के घेराव की चेतावनी दिए थे। मगर मुंगेली पुलिस के आगे सारी होशियारी धरी की धरी रह गई। पुलिस ने स्कूल शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त लेखापाल की अपहरण कराकर हत्या करने वाले 11 आरोपियों सहित 4 नाबालिग को गिरफ्तार। मृतक के सगे भाई व परिजन ही हत्या के मास्टरमांइड निकले। संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से बाप-बेटे मे दुश्मनी कराकर सुपारी देकर अपहरण कर हत्या किया गया।

मुंगेली। मुंगेली पुलिस ने स्कूल शिक्षा विभाग के एकाउंटेट के मर्डर की गुत्थी भले ही सुलझा ली, मगर आरोपियों ने जिस शातिर अंदाज में साजिश को अंजाम दिया, जांच में लगी पुलिस और उसके कप्तान भोजराम पटेल को भी चौंका दिया कि छत्तीसगढ़ में इस तरह के अपराध हो सकते हैं।
22 मार्च 2026 को थाना लालपुर मे प्रार्थी बलबीर सिंह द्वारा परिजनों के साथ उपस्थित आकर अपने भाई दामोदर सिंह के घर नही आने के संबंध मे रिपोर्ट दर्ज कराया कि 21 मार्च को भाई दामोदर राजपूत (रिटायर्ड लेखापाल शिक्षा विभाग) 62 वर्ष की मोटरसायकल ग्राम मनोहरपुर राईस मिल रास्ते के पास पड़ी है जिस पर गुम इंसान क्रमांक 11/26 कायम कर पतासाजी मे लिया गया।
मामले को आईजी रेन्ज बिलासपुर रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) ने गंभीरता से लिया और सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत की पतासाजी करने के निर्देश दिये। एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर ASP नवनीत कौर छाबड़ा व उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह के नेतृत्व मे साइबर सेल प्रभारी निरी. प्रसाद सिन्हा व साइबर सेल, थाना लालपुर एवं जरहागांव पुलिस स्टॉफ की टीम बनाकर अलग-अलग कार्यक्षेत्र रवाना किया गया।
जाँच के दौरान 21 मार्च को दामोदर सिंह के घर से निकलने से लेकर मोटरसायकल मिलने के स्थान और लास्ट लोकेशन व मुंगेली जिले के सभी एन्ट्री एक्जिट पाइन्ट, सरहदी क्षेत्र के कैमरों को चेक करने पर एक सस्पेक्ट ईओन कार स्लेटी कलर की दामोदर सिंह के पीछे पीछे चलती हुई दिखाई दी। कार की पतासाजी करते-करते ‘‘त्रिनयन एप’’ के माध्यम से रूट चार्ट तैयार कर कार नंबर सीजी 10 एसी 8986 पता चला। जाँच में यह भी पता चला कि कार ग्राम झझपुरी के देवचरण साहू के नाम पर रजिस्ट्रर्ड है। देवचरण साहू से पुछताछ करने पर ग्राम झाफल के संजय यादव द्वारा कार को 1 दिन किराये पर लिया गया था।
प्रकरण मे संजय यादव को हिरासत मे लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि दामोदर सिंह के छोटे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना राजपूत व उसके साले पालेश्वर सिंह राजपूत, चचेरे भाई रामपाल राजपूत द्वारा दामोदर सिह को मारने के लिये 10 लाख व 50 डिस्मील जमीन की सुपारी दी गई थी। सुपारी मिलने के बाद काफी दिनों तक रेकी की गई।
रणजीत सिंह ने बताया कि 21 मार्च को दुर्गा पूजा के लिये दामोदर को झाफल आने का निमंत्रण दिए थे। योजना के अनुसार अपने 3 साथी प्रिन्स उर्फ श्रवण, योगेश उर्फ योगेश्वर गंधर्व स्वीपर मोहल्ला मुंगेली व नाबालिग को लेकर दिन में पीछा करते हुये मुंगेली से झाफल पहुंचे।
मनोहरपुर सुनसान रास्ते पर मृतक दामोदर सिंह की गाड़ी रोककर पीछे से गले मे गमछा डालकर मार डाले, फिर उसकी लाश को कार में भरकर ठिकाने लगाने निकले, तभी रास्ते में कार खराब हो गई। कार के मालिक देवराज साहू को फोन कर उससे टाटा स्पेशियों गोल्ड कार को मंगवाए।
इसके बाद देवराज साहू के साथ मिलकर मृतक की लाश को स्पेशियों गाड़ी मे शिफ्ट कर कवर्धा जिले के पण्डरिया अन्तर्गत देवसरा गांव के जंगल ले गए। यहाँ नदी के नीचे गड्डे में डालकर रेत मे दफन कर वापस आ गए थे। पुलिस ने मृतक दामोदर राजपूत का शव बरामद किया गया।
मृतक के परिजनों (बेटा संजय, पत्नि तुलसी व बेटियों) ने कपड़े व अन्य वस्तुओं को देखकर मृतक की पहचान दामोदर सिंह राजपूत के रूप में की गई थी। आरोपियों के द्वारा अपहरण कर हत्या करना पाए जाने पर अपराध क्रमांक 40/26 धारा 61(2), 103(1), 140(2), 238 बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
जानिए पूरा ममला
दरअसल, 23 मार्च को मृतक की पत्नि तुलसी बाई द्वारा अपनी दोनों बेटियो के साथ एसपी आफिस आकर पति के लापता होने के संबंध में एक लिखित आवेदन दिया था। पति की 4 करोड़ की जमीन व 30 तोला सोना को अपने जेठ व देवरो व भांजे व भतीजो द्वारा षढ़यंत्रपुर्वक हड़पने का आरोप लगाते हुये रामपाल सिंह, रामरती ठाकुर, सागरसिंह बैंस व उसके साथी पालेश्वर व अन्य के उपर जांच की मांग की थी।
इस पारिवारिक एंगल को ध्यान मे रखते हुये जांच की जा रही थी, तब परिवार की पुरानी पारिवारिक पृष्ठिभुमि तलाशने पर ज्ञात हुआ कि मृतक दामोदर के 5 भाई है। मृतक के बेटे संजय सिंह से उसकी शादी के बाद से नहीं पटती थी। मृतक के बेटे संजय राजपूत की पत्नि मनीला राजपूत ने वर्ष 2024 में मृतक दामोदर राजपूत व उसके बड़े भाई बलबीर राजपूत, रणजीत राजपूत व रणजीत के बेटे हेमंत के उपर थाना लोरमी मे अपराध दर्ज था।
मृतक दामोदर राजपूत ने अपराध क्रमांक 410/24 धारा 294,506,323 भादवि अपने बेटे संजय राजपूत के विरूद्ध कायम कराया था। बाप-बेटे की आपस मे एक दूसरे से बातचीत बंद थी। मृतक दामोदर अपने छोटे भाई रणजीत व अन्य भाईयों के यहां उठना बैठना करता था, लेकिन बेटे से उसके संबंध खराब थे। मृतक दामोदर के पूरे पैसे चचेरे भाई रामपाल व सगे भाई रणजीत रखते थे। भाईयों की नजर मृतक दामोदर की संपत्ति व उसके पैसों पर थी। बाप बेटे की आपसी लड़ाई का फायदा भाईयों व भांजे भतीजों ने उठाते हुये षढ़यंत्र रचा कि दामोदर की सारी जमीनें संजय राजपूत को नही देनी पड़े इसलियें अपने नाम करवाने लगे।
मृतक दामोदर के भाईयों ने ही 24 मार्च को 1 नोटरी का कागज थाना लालपुर मे आकर पेश किये, जिसमें दामोदर सिंह की ओर से वचनपत्र नोटरी सतेन्द्र कुमार पौराणिक के समक्ष तैयार किये थे, जिसमे गवाहों के दस्तखत नहीं है। इस वचनपत्र मे लिखी बातों से यह स्पष्ट है कि मृतक अपनी पूरी संपत्ति को बेटे के अलावा भाई, भतीजे व भांजों को बेचना बता रहा। साथ ही बेटे संजय से अपना कोई भी संबंध जीवित या मृत होने पर नहीं रखना बता रहा है। उक्त नोटरी को देखते ही प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि मृतक के भाई, भतीजो व भांजों ने संपत्ति के लालच मे मृतक की हत्या करवायी, जिसकी पुष्टि सुपारी किलर संजय यादव ने की।
मृतक दामोदर का फोन अंतिम बार प्रयागराज मे चालु होने व बंद होना पाया गया। पुलिस टीम को प्रयागराज भेजा गया। इसी बीच संजय यादव ने बताया कि योजना के अनुसार रणजीत सिंह ने बताया था कि मृतक का फोन हत्या के बाद प्रयागराज ले जाकर गंगा मे बहा देना, ताकि सबको ये लगे की दामोदर राजपूत प्रयागराज मे कहीं जाकर साधू सन्यासी बन गए है। संजय यादव ने प्रिंस, योगेश व 3 नाबालिगों को अर्टिका कार से प्रयागराज भेजकर घटना मे प्रयुक्त फोन व मृतक दामोदर के फोन को गंगा नदी मे फेंक दिए थे।
गिरफ्तार आरोपी के नाम
1. रणजीत सिंह राजपूत पिता बारेलाल उम्र 55 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक का भाई)
2. पालेश्वर राजपूत पिता स्व.रामधुन उम्र 50 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का साला)
3. रामपाल सिंह राजपूत पिता आजुसिंह उम्र 53 वर्ष निवासी लोरमी, थाना लोरमी (मृतक का चचेरा भाई)
4. पराग सिंह राजपूत पिता बलवीर सिंह उम्र 49 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई बलबीर का पुत्र)
5. हेमंत राजपूत पिता रणजीत उम्र 26 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का पुत्र)
6. अजय राजपूत पिता भुनेश्वर सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी सारधा (मृतक का भांजा)
7. संजय यादव पिता लल्लुराम उम्र 37 वर्ष निवासी झाफल थाना लोरमी
8. श्रवण उर्फ प्रिंस गोई पिता श्याम उम्र 18 वर्ष निवासी जवाहर वार्ड मुंगेली
9. योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर पिता राधेश्याम उम्र 18 वर्ष 10 माह निवासी कालीमाईवार्ड मुंगेली
10. देवराज साहू उर्फ दद्दु उर्फ देवकुमार पिता रामसहाय उम्र 23 वर्ष निवासी झझपुरीकला लोरमी
11. आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु पिता धन्नू उम्र 20 वर्ष निवासी बस स्टैण्ड लोरमी
व 4 विधि से संघर्षरत बालक...
