CG Crime: 20 लाख की लूट खुलासा,मिर्च पाउडर छिड़ककर छीन रहे थे नगदी, कामयाब नहीं हुये तो सुपरवाइजर का अपहरण, फिर मैनपाट की गहरी खाई से नीचे फेंके, लेकिन ऐसे बच गई जान...
CG Crime: छत्तीसगढ़ में सुपरवाइजर से 20 लाख की लूट मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों ने लूट के दौरान सुपरवाइजर का अपहरण किया और उसकी हत्या करने की नीयत से खांई में फ़ेंक दिया था...

CG Crime: जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में सुपरवाइज से 20 लाख की लूट मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लूट की घटना को अंजाम देने कैश कलेक्शन कर लौट रहे सुपरवाइज की आंख में मिर्च पाउडर फेंक दिया था, फिर नगदी से भरा बैग लूटने की कोशिश कर रहे थे। कामयाब नहीं हुये तो सुपरवाइजर को अपनी कार में जबरन बिठाकर मैनपाट ले गये। यहां पर उसकी हत्या करने की नीयत से उसे गहरी खाई में फेंक दिये थे। सुपरवाइजर की किस्मत अच्छी थी कि खाई से गिरने के बाद भी झाड़िया में फंसकर लटका रहा। जैसे-तैसे खाई से निकलकर इसकी सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुये 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानिए क्या थी घटना
दरअसल, प्रार्थी हरीश देवांगन द्वारा थाना चाम्पा में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि मेसर्स अरविंद इंडस्ट्रीज चाम्पा में पिछले 4-5 सालों से सुपरवाईजर के पद पर है और कैश कलेक्शन के लिए अलग-अलग जगह जाता रहता है। 9 जनवरी 2026 की सुबह 10.30 बजे कंपनी की राशि कलेक्शन के लिए मोटर सायकल से सक्ती के लिए निकला था। सक्ती के विष्णु पेट्रोल पंप के मालिक आंनद अग्रवाल से नगदी 15,66,200 व ठठारी से बंशीधर हार्डवेयर के मालिक कैलाश कुमार देवांगन से 4,52,500 नगदी कुल 20,18,700 को लेकर वापस चाम्पा की ओर आ रहा था।
रास्ते में दोपहर करीब 3.30 बजे ग्राम कोसमंदा मेन रोड तालाब के पास पहुंचा था कि उसी समय काले रंग की कार जिसका नं सीजी 11 बीएन 13 था और आखिरी दो नंबर पर कागज चिपका हुआ था। कार में सवार बदमाशों ने हरीश देवांगन की आंख में मिर्ची पावडर फेंक दियें। आंखों में जलन होने पर मोटर सायकल को खड़ी कर वह अपनी आंख को साफ करने लगा। इसी बीच तीन व्यक्ति कार से उतर कर नगदी से भरा बैग छीनने लगे, शोर मचाने पर आरोपियों ने जबरन पकड़कर हरीश को कार के अंदर बैठा लिए।
आरोपियों ने पीड़ित का मोबाइल को छीन कर मारपीट करते हुए रात करीब 9 बजे मैनपाट सेल्फी पाइंट के पास ले गए। इसके बाद आरोपियों ने हरीश को धक्का देकर खाई से नीचे गिरा दिये, कुछ देर बाद आरोपी वहां से भाग निकले। हरीश की किस्मत अच्छी थी कि खाई से गिराने के बाद वो रात भर पेड़ के सहारे फंसा रहा। सुबह हुई तो पेड, पत्थर के सहारे रोड पर आया लिफ्ट के माध्यम से कापू पहुंचकर एक कम्प्यूटर दुकान से मोबाइल मांग घटना की सूचना अपने आफिस में दिया।
10 जनवरी की शाम 4 बजे थाना चाम्पा के पुलिस स्टाफ आयें और हरीश को लेकर मैनपाट गये जहां पुलिस वाले को घटना के बारे में बताकर आरोपियों द्वारा धक्का दिया था, फिर चाम्पा आकर अपना इलाज बीडीएम अस्पताल में कराया। आंख ठीक से नही खुल रही थी। पीड़ित बहुत डरा सहमा हुआ था, क्योंकि रास्ते में आरोपियों ने धमकी दी थी कि यदि रिपोर्ट करेगा तो परिवार को जान से मार देंगे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश में तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार व प्रकरण के शीघ्र निराकरण हेतुु सायबर टीम को निर्देश दिए गए। पुलिस ने घटनास्थल से लगे सीसीटीव्ही आरोपियों के भागने के संभावित रास्तों की बारीकी से जाँच की। एक संदिग्ध वाहन घटना स्थल से निकलकर पिसौद, चाम्पा, पहरिया, बलौदा होते हुए कोरबा की तरफ जाती हुई दिखाई दी। वाहन के बनावट व आधे अधूरे नंबर की जाँच के आधार पर तकनीकि जानकारी की मदद से घटना में प्रयुक्त काली कार की पहचान की गई।
कार के वर्तमान मालिक की जानकारी ली गई। कार बिरगहनी चाम्पा निवासी अमीर मिरी की पाई गई। वाहन मालिक के संबंध में पता करने पर पूर्व में भी चोरी जैसे मामलों में जेल जाने की बात सामने आई। वाहन मालिक अमीर मिरी को तकनीकि मदद के आधार पर पकड़कर हिरासत में लिया गया। घटना के बारे में पूछताछ करने पर बताया कि अपने साथी योगेश रात्रे, जमुना सेवायक, महेश्वर दिवाकर व एक अन्य साथी के साथ मिलकर करीबन दो माह पूर्व पैसा कमाने की योजना बना रहें थे। योगेश रात्रे ने बताया कि अरविंद इंडस्ट्रीज का सुपरवाईजर हरीश देवांगन समय समय पर सक्ति की तरफ कंपनी का पैसा कलेक्शन करने आता है। इस जानकारी के बाद सभी ने लूट की योजना बनाई।
सुपरवाईजर हरीश की फोटो लेकर आरोपी 9 जनवरी को 12 बजे कार में सवार होकर जेठा टोल प्लाजा के पास पहुंचे। सभी हरीश का निकलने का इंतजार कर रहे थे। लगभग 2.30 बजे हरीश मोटर सायकल में निकला तो आरोपियों ने पीछा करते हुए कोसमंदा तलाब के बाइक रुकवाकर आंख में मिर्ची पावडर छिड़क दिए।
हरीश आंख को पोछ रहा था, उसी समय आरोपी पैसो से भरा बैग को छीन रहे थे। बैग को नही देने पर हरीश को जबरन बैग सहित गाड़ी में डालकर मैनपाट ले गए थे। रात करीब 9 बजे बैग को छीनकर हरीश को गहरी खाई में धक्का देकर गिरा दिये थे। इसके बाद हरीश देवांगन को मरा समझकर सभी वापस अपने घर आ गये और लूट के पैसा को आपस में बांट लिये थे। आरोपियों के मेमोरण्डम के आधार पर लूट की रकम में से 13,75,000 रू व घटना में प्रयुक्त कार, चाकू, बेसबाल स्टीक व 5 नग मोबाइल को बरामद किया गया है। प्रकरण में एक अन्य आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
