Begin typing your search above and press return to search.

CG ACB-EOW News: बैंक का रखवाला ही निकला लुटेरा, एसबीआई के पूर्व ब्रांच मैनेजर ने 2.78 करोड़ किया गबन, पत्नी के खाते में डाले रूपए, 1290 पन्नों का चालान पेश

CG ACB-EOW News: रायपुर में बहुचर्चित बैंक गबन मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ विशेश न्यायालय में चालान पेश किया।

CG ACB-EOW News: बैंक का रखवाला ही निकला लुटेरा, एसबीआई के पूर्व ब्रांच मैनेजर ने 2.78 करोड़ किया गबन, पत्नी के खाते में डाले रूपए, 1290 पन्नों का चालान पेश
X
By Sandeep Kumar

CG ACB-EOW News:रायपुर। रायपुर में भारतीय स्टेट बैंक की स्पेशालाइज्ड करेंसी एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच बैरन बाजार रायपुर में हुए 2.78 गबन मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने पूर्व ब्रांच मैनेजर के खिलाफ चालान पेश किया। ब्यूरो की टीम ने आरोपी के खिलाफ 1290 पन्नों का अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में पेश किया। फिलहाल आरोपी वर्तमान में केंद्रीय जेल रायपुर में बंद है। एसीबी-ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने 28 अगस्त 2024 से 11 जून 2025 के बीच फर्जी क्यू वाउचर तैयार कर एससीएबी शाखा के ब्रांच जनरल लेजर खाते से धन का गबन किया।

जानिए पूरा मामला

राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एवं एन्टी करप्शन ब्यूरो रायपुर द्वारा भारतीय स्टेट बैंक, स्पेशलाइज्ड करेंसी एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (SCAB) बैरन बाजार रायपुर में हुए बहुचर्चित बैंक गबन प्रकरण में आज चालान प्रस्तुत किया गया।

एसीबी-ईओडब्ल्यू में अपराध दर्ज

आज आरोपी विजय कुमार अहके, तत्कालीन मुख्य शाखा प्रबंधक (SCAB) बैरन बाजार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4), 338, 336(6), 340(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित 2018) की धारा 13(1)(5) सहपठित धारा 13 (2) के अंतर्गत विशेष न्यायालय रायपुर में 1,290 पेज का चालान पेश किया गया।

दायित्वों का दुरुपयोग

जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी विजय कुमार अहके ने मुख्य शाखा प्रबंधक के पद पर रहते हुए अपने दायित्वों का दुरुपयोग करते हुए 28 अगस्त 2024 से 11 जून 2025 के मध्य कम्प्यूटर के माध्यम से कूटरचित Queue (वाउचर) तैयार कर SCAB शाखा के ब्रांच जनरल लेजर (BGL) खाते से शासकीय लोक धन का गबन किया।

ऐसे किया गबन

आरोपी ने बैच मोड प्रक्रिया का उपयोग कर प्रत्येक लेनदेन की राशि 5,00,000 रुपये (पाँच लाख रुपये) से कम रखी, ताकि बैंक के हाई वैल्यू ट्रांसफर अलर्ट सिस्टम से बचा जा सके। साथ ही 30 दिन के भीतर BGL खाते की पुरानी प्रविष्टियों को रोलओवर कर नई प्रविष्टि में परिवर्तित किया जाता था, जिससे नियंत्रक अधिकारी को वास्तविक वित्तीय स्थिति की जानकारी न हो सके।

पत्नी के खाते में रुपये डाले

आरोपी ने गबन की समस्त राशि कुल 75 लेनदेन के माध्यम से अपनी पत्नी के बैंक खाते में स्थानांतरित की, जिसमें आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर लिंक कर रखा था, जिससे समस्त OTP स्वयं आरोपी को प्राप्त होते थे। तत्पश्चात् उक्त राशि को नेट बैंकिंग के माध्यम से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में स्थानांतरित कर डेल्टा एक्सचेंज, क्रिप्टो करेंसी एवं कमोडिटी व ऑप्शन ट्रेडिंग में निवेश किया। इस प्रकार SCAB बैरन बाजार, रायपुर को कुल 2,78,25,491.96 रुपये (दो करोड़ अठहत्तर लाख पच्चीस हजार चार सौ इक्यानवे रुपये छियानवे पैसे) की आर्थिक क्षति हुई ।

डिजिटल साक्ष्य, जब्त दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, मुख्य सर्वर से प्राप्त लेनदेन की प्रमाणित प्रति तथा साक्षियों के कथन के आधार पर आरोपी विजय कुमार अहके के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4), 338, 336(6), 340(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13 (1) (ए) सहपठित धारा 13 (2) के अंतर्गत अभियोजन की कार्यवाही की गई। जांच के दौरान विजय कुमार अहके द्वारा अपराध करना पाया गया।

Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

Read MoreRead Less

Next Story