Begin typing your search above and press return to search.

फिर दिखी कलेक्टर संजीव कुमार झा की मिलनसार छवि, जमीन पर बैठकर महिलाओं से की बात... कार्यों की जानकारी भी ली...

फिर दिखी कलेक्टर संजीव कुमार झा की मिलनसार छवि, जमीन पर बैठकर महिलाओं से की बात... कार्यों  की जानकारी भी ली...
X
By NPG News

सरगुजा 6 अप्रैल 2022 I अपने शांत सरल मृदुभाषा और हँसमुख मिजाज के लिए जाने जाने वाले सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा के अनोखे अंदाज ने एक बार फिर गांव के लोगों का दिल जीत लिया. सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा ने जमीन पर बैठकर गांव वालों के साथ लंबी चर्चा की और उनके सुख-दुख को जाना. गांव वाले भी कलेक्टर को इस तरह देखकर काफी प्रसन्न हुए सभी गांव वालों ने कहा, आज तक हमने ऐसा कलेक्टर नहीं देखा जो इतने शांत स्वभाव के है और इतनी सरल तरीके से हम लोगों से मिले हो. गांव वालों ने कलेक्टर की जमकर तारीफ की और अपनी समस्याएं भी सुनाई. कलेक्टर के इस अंदाज की प्रशंसा जो अक्सर शहरवासी करते रहते हैं उसी अंदाज ने आज गांव वालों का भी दिल जीत लिया. दरअसल मुख्य सचिव के निर्देश पर सरगुजा जिले में आज गौठान भ्रमण दिवस मनाया जा रहा है, जिसके तहत सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा द्वारा सरगुजा के दूरस्थ गौठान गेरसा का आज निरीक्षण किया गया.

वहां उन्होंने काफी देर गौठान में काम करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत की. गौठान को और सुचारू रूप से कैसे चलाया जाए इस पर भी सुझाव लिए. गेरसा सरगुजा के बॉर्डर पर स्थित गांव है जिसके बाद से जशपुर की सीमा शुरू हो जाती है. महिलाओं ने अपनी समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया साथ ही उन्होंने अंडा पालन और बटेर पालन मुर्गी पालन में अपनी दिलचस्पी दिखाई. साथ ही उन्होंने कलेक्टर को बताया कि रात में सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां पर एक गार्ड भी उपलब्ध कराया जाए. जिस पर कलेक्टर ने तुरंत जनपद पंचायत सीईओ को तत्काल गौठान में गार्ड लगाने के लिए निर्देश दिए साथ ही महिलाओं ने बताया मूंगफली और डोरी का तेल निकालने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है. जिस पर सरगुजा कलेक्टर ने जल्द ही यहां पर तेल निकालने वाली मशीन लगवाने का अस्वाशन दिया. साथ ही कलेक्टर ने गांव वालों को बकरियों के कृत्रिम गर्भाधान के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान से उन्हें बकरियों की उच्च नस्ल प्राप्त होगी, जिससे उनके आमदनी में और इजाफा भी होगा. इस पर गांव वालों ने अपनी सहमति देते हुए जल्द ही बढ़-चढ़कर बकरियों के कृत्रिम गर्भाधान में हिस्सा लेने की बात कही.

Next Story