जिला बालोद में मोर मयारू गुरुजी कार्यक्रम का बाल अधिकार संरक्षण आयोग के द्वारा आयोजन...
शिक्षक बच्चों के चरित्र को गढ़ने का काम करते हैं। प्रेम दयालुता व आदर्श आचरण से इसे सम्पन्न करें- अनिला भेड़िया मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग

बालोद I जिला बालोद में आज 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कलेक्टोरेट के सभा कक्ष में मोर मयारू गुरुजी कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें 150 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में शिक्षकों को बाल अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई और साथ ही गतिविधियां करवाकर बच्चों चरित्र पर शिक्षकों के प्रभाव किस प्रकार पड़ता है इस विषय पर आयोग के सचिव प्रतीक खरे ने प्रस्तुति दी। आयोजन की मुख्य अतिथि माननीय मंत्री जी अनिला भेड़िया ने कहा कि माता पिता 5 वर्ष की आयु के बाद अपने बच्चे को शिक्षकों को सौंप देते हैं और इसके बाद बच्चे के व्यक्तित्व को गढ़ने का काम शिक्षक ही करते हैं। उन्होंने इसे पूरी जिम्मेदारी से निभाने की अपील करते हुए आयोग को रुचिकर कार्यक्रम के आयोजन हेतु साधुवाद दिया। कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष तेजकुंवर नेताम,सदस्य पूजा खनूजा, आशा संतोष यादव ,पुष्पा पाटले,सोनल कुमार गुप्ता, ऑगस्टीन बर्नाड उपस्थित थे। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन अपर जिला दंडाधिकारी ने प्रदान किया। शिक्षकों ने इसे अपने फीडबैक में बेहद ज्ञानवर्धक रोचक व मनोरंजक बताया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि सुश्री सुधाकर एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा शामिल हुए।
