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डायरेक्ट अनुज्ञा सिस्टम से बिलासपुर में आज ही पांच लोगों को मिली अनुमति, अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा

डायरेक्ट अनुज्ञा सिस्टम से बिलासपुर में आज ही पांच लोगों को मिली अनुमति, अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा
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By NPG News

एक क्लिक पर मिलेगी भवन अनुज्ञा,मुख्यमंत्री ने लांच किया डायरेक्ट भवन अनुज्ञा सिस्टम

पांच हजार वर्गफीट तक में भवन अनुज्ञा के लिए किया जा सकता आवेदन

बिलासपुर 3 जनवरी 2021- प्रदेश वासियों को एक और सौगात देते हुए आज मान.मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नगरीय क्षेत्रों मे 5382 वर्ग फीट तक के आवासीय प्लॉट्स पर भवन निर्माण के लिए मानव हस्तक्षेप रहित आनलाइन डायरेक्ट भवन अनुज्ञा सिस्टम की शुरूआत की। लांचिग के पहले दिन ही बिलासपुर नगर पालिक निगम में पांच आवेदकों को चंद मिनटो में ही भवन अनुज्ञा मिल गया।

डायरेक्ट भवन अनुज्ञा सिस्टम के तहत पोर्टल में आवेदन करते ही पहले दिन बिलासपुर के पांच आवेदनकर्ता जिसमें साजदा बेगम, चंद्रकुमार महंत,जियाउल हक शम्स,कैलाशवती पटेल और रबिया खातून को आर्किटेक्ट के माध्यम से पोर्टल में दस्तावेज अपलोड करने के दस मिनट के भीतर ही प्रमाण-पत्र मिल गया। सभी आवेदनकर्ताओं को महापौर रामशरण यादव ने प्रमाण-पत्र सौंपा। इस अवसर पर महापौर श्री रामशरण यादव ने कहा की इस सुविधा के प्रांरभ हो जाने से आमजनों को काफी सहूलियत मिलेगी,इसके अलावा आवेदक के समय की बचत होगी साथ ही अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी फीस में भी नियमितता आएगी।

सिर्फ एक रूपये में मिलेगी अनुज्ञा

इस सिस्टम के तहत पंजीकृत आर्किटेक्ट द्वारा नियमानुसार प्राक्कलन नक्शा तैयार कर स्वयं के कम्प्यूटर में जांच की जाएगी तथा जब आवेदक की सहमति होगी, उसके पश्चात् उसे अपलोड किया जाएगा, जिसकी जानकारी ओ.टी.पी. के माध्यम से संबंधित आवेदक को प्राप्त हो जाएगी। आनलाइन आवेदन शुल्क 01 रू. के साथ दस्तावेज अपलोड होने के बाद दस्तावेजों की जांच आनलाइन सर्वर के द्वारा ही की जाएगी व दस्तावेज सही नही पाए जाने पर 15 दिवस के भीतर एक बार रि-असाईन किया जा सकता है और दस्तावेजों के सही पाए जाने के पश्चात् पोस्ट अप्रुवल फीस 30 दिवस के अन्दर जमा की जा सकेगी।

लोगों को सुविधा और निगम के राजस्व में वृद्धि होगी- कमिश्नर

कमिश्नर अजय त्रिपाठी ने कहा की आनलाइन डायरेक्ट भवन अनुज्ञा सिस्टम से भवन अनुज्ञा बहुत ही सहज और सुगम तरीके से प्राप्त की जा सकेगी तथा पोर्टल के ज़रिए प्रक्रिया होने से अनुज्ञा के आवेदनों की संख्या में भी वृद्धि होगी,इससे निगम के राजस्व भी बढ़ेगा।

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