कोरोनिल इम्युनिटी बूस्टर नहीं, कोरोना वायरस की दवा है….. बाबा रामदेव ने फिर किया दावा… जल्द करेंगे प्रेस कांफ्रेंस… कहा- जिन्होंने कोरोनिल ली, उनमें से एक की भी मौत नहीं हुई

नयी दिल्ली 15 नवंबर 2020। पतंजलि प्रोडक्ट कोरोनिल की इन दिनों खूब डिमांड है। बाबा रामदेव इसे शुरू से ही कोरोना की दवा के रूप में दावा करते रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय की सख्ती के बाद पतंजलि ने इसे इम्युनिटी पावर बूस्टर के तौर पर बाजार में उतारा है। बाबा रामदेव ने  कोरोनिल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोनिल को अब तक एक करोड़ से अधिक लोग इस्तेमाल कर चुके हैं। कोरोनिल खाने के बाद देश में किसी शख्स की मौत नहीं हुई है। बकौल रामदेव कुछ लोग उनसे जलते हैं। ऐसे लोग असुर योग से धरती पर आए हैं, जिन्हें योग से प्रेम है और ना आर्युवेद से। ऐसे लोगों को मानवता से प्रेम नहीं है।

उन्होंने कहा कि कि कोरोनिल को लोग सिर्फ एक इम्युनिटी बूस्टर समझते हैं मगर कोरोनिल एक मेडिसिन है। अगर कोरोनिल दवा को कोरोना होने से पहले लेंगे तो कोरोना वायरस से बच जाएंगे। कोरोना होने के बाद लेंगे, तो 7 से 10 दिन के भीतर कोरोना का उपचार हो जाएगा। बाबा ने कहा है कि जल्द ही वो इस मामले में एक प्रेस कांफ्रेंस लेने वाले हैं। जिसमें वो कोरोनिल के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

इससे पहले जून में रामदेव ने दावा किया था कि कोरोनिल कोविड-19 मरीजों को ठीक कर सकता है. हालांकि, आयुष मंत्रालय ने तुरंत इसे बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया था और बाद में केंद्रीय मंत्रालय ने कहा था कि पतंजलि इस प्रोडक्ट को केवल प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की दवा के बेच सकती है और कोविड-19 के इलाज के रूप में इसे नहीं बेचा जा सकता.

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