नाक से डाली जाएगी कोरोना की देसी वैक्सीन कोरोफ्लू….. अब तक मिले हैं बेहद कारगर नतीजे… कीमत भी होगी कम, साल के आखिर तक….

नयी दिल्ली 23 सितंबर 2020। कोरोना के गहराते संकट के बीच पूरी दुनिया वैक्सीन का इंतजार कर रही है। कुछ देशों ने कोरोना वैक्सीन बनाने और सफल ट्रायल के बाद बाजार में उतारने का भी पूरा प्लान बना लिया है। अब खबर ये जा रही है कि हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने कोरोफ्लू (CoroFlu) नाम की वैक्सीन विकसित कर रहा है. कोरोना वायरस के इलाज के लिए बनाई जा रही यह वैक्सीन शरीर में सिरिंज से नहीं डाली जाएगी.

इस वैक्सीन की एक बूंद को पीड़ित इंसान की नाक में डाला जाएगा. भारत बायोटेक ने इस वैक्सीन को अमेरिका, जापान और यूरोप में बांटने के लिए सभी जरूरी अधिकार प्राप्त कर लिए है। इस समय पूरी दुनिया में अमेरिका, कनाडा, नीदरलैंड्स, फिनलैंड्स और भारत में नाक से दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन बनाई जा रही है. इन पांचों देश में पांच दवा कंपनियां हैं जो नेसल वैक्सीन बना रही हैं.

इस वैक्सीन का पूरा नाम है- कोरोफ्लूः वन ड्रॉप कोविड-19 नेसल वैक्सीन. कंपनी का दावा है कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है. क्योंकि इससे पहले भी फ्लू के लिए बनाई गई दवाइयां सुरक्षित थीं. इस वैक्सीन का फेज-1 ट्रायल अमेरिका के सेंट लुईस यूनिवर्सिटी वैक्सीन एंड ट्रीटमेंट इवैल्यूएशन यूनिट में होगी. अगर भारत बायोटेक को जरूरी अनुमति और अधिकार मिलता है तो वह इसका ट्रायल हैदराबाद के जीनोम वैली में भी करेगी.

इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉ. कृष्णा एला ने बताया कि  हम इस वैक्सीन की 100 करोड़ डोज बनाएंगे. ताकि एक ही डोज में 100 करोड़ लोग कोरोना वायरस जैसी महामारी से बच सके. इस वैक्सीन की वजह से सुई, सीरींज आदि का खर्च नहीं आएगा. इसकी वजह से वैक्सीन की कीमत भी कम होगी. चूहों पर किए गए अध्ययन में इस वैक्सीन ने बेहतरीन परिणाम दिखाए हैं. इसकी रिपोर्ट प्रसिद्ध साइंस जर्नल सेल और नेचर मैगजीन में भी छपी है.

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