कोरोना वैक्सीन को जल्द मिलेगी मंजूरी…. वैक्सीन से जुड़े हर सवाल का जवाब पढ़िये… आज हो सकता है कुछ अहम फैसला

नयी दिल्ली 1 जनवरी 2021। बेसब्री से कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर रहे देशवासियों को जल्द ही खुशखबरी मिल सकती है. आज एक्सपर्ट कमेटी की बैठक हो रही है, जिसमें ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. शुरुआत में इस वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी जा सकती है.

ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है. वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने फाइजर की वैक्सीन को मंजूरी दे दी है. ऐसे में भारत में इसको मंजूरी मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है. ऐसे में कोरोना से सहमे लोगों के दिमाग में वैक्सीन को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं. आइए हम आपको कोरोना वैक्सीन से जुड़े आपके सभी सवालों का जवाब देते हैं.

क्या कोरोना वैक्सीन बहुत जल्द आ सकती है?
हां, वैक्सीन विभिन्न स्तर पर ट्रायल के फाइनल स्टेज में है. भारत सरकार जल्द ही वैक्सीन की अनुमति दे सकती है. वैक्सीन से संबंधित ज्यादा जानकारी के लिए www.mohfw.gov.in पर विजिट कर सकते हैं.

क्या कोविड-19 वैक्सीन सभी को एक साथ दी जाएगी?
भारत सरकार ने वैक्सीन की उपलब्धता के मुताबिक प्राथमिकता वाले समूहों का चयन किया है, जो ज्यादा जोखिम उठा रहे हैं. उन्हें ही पहले ये वैक्सीन लगाई जाएगी. पहले समूह में हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल हैं. दूसरे समूह में 50 साल से ऊपर के लोग और 50 साल से कम उम्र के वैसे लोग शामिल हैं, जो बीमारियों से ग्रसित हैं.

क्या वैक्सीन लेना जरूरी है?
कोविड-19 वैक्सीन लेना स्वैच्छिक है. हालांकि, स्वयं की सुरक्षा के लिए वैक्सीन का पूरा डोज लेने की सलाह दी जाती है ताकि इस बीमारी को अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों, संबंधियों और काम करने वाले सहयोगियों में प्रसार से रोका जा सके.

क्या वैक्सीन सुरक्षित है, क्योंकि इसे कम समय में जांच कर तैयार की गई है?
देश में कोरोना वैक्सीन को मंजूरी नियामक निकायों द्वारा सुरक्षा और सफलता के आधार पर ही मिलती है.

क्या वर्तमान में कोरोना संक्रमित (कन्फर्म या संभावित) शख्स को वैक्सीन दी जाएगी?
कोरोना संक्रमित (कन्फर्म या संभावित) व्यक्ति के टीकाकरण से केंद्र पर कोरोना फैलने का डर रहेगा. इसलिए ऐसे लोगों को 14 दिनों के लिए टीकाकरण से परहेज करना चाहिए.

क्या कोरोना को हराकर ठीक होने वाले हर शख्स के लिए वैक्सीन जरूरी है?
हां, लोगों को कोरोना संक्रमण के पिछले अनुभव को भूलकर वैक्सीन का पूरा डोज लेना चाहिए. यह कोरोना के खिलाफ मजबूत इम्यूनिटी डेवलप करेगा.

कोरोना की कई वैक्सीन में से एक या एक से अधिक वैक्सीन का चयन प्रशासन टीकाकरण के लिए कैसे करेगा?
वैक्सीन को लाइसेंस देने के पहले क्लीनिकल ट्रायल की सुरक्षा और सफलता के आंकड़ों की जांच देश के ड्रग रेग्युलेटर के द्वारा की जाती है. इसलिए वैसे सभी वैक्सीन सुरक्षित और असरदार होगी, जिन्हें लाइसेंस मिलेगा. हालांकि, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एक ही तरह की वैक्सीन का पूरा डोज लगाया जाय, क्योंकि अलग-अलग तरह की वैक्सीन का डोज एक दूसरे के पूरक नहीं हैं.

क्या भारत के पास 2 डिग्री से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच वैक्सीन को रखने और जरूरी तापमान पर एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की क्षमता है?
भारत दुनिया में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाने वाल देशों में से एक है. यह 26 मिलियन नवजात और 29 मिलियन गर्भवती महिलाओं के लिए अभिायान चलता है. अभियान की सफलता के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है.

क्या भारत में मंजूरी मिलने वाली वैक्सीन दूसरे देशों की वैक्सीन जैसी प्रभावशाली होगी?
हां, भारत की वैक्सीन भी उतनी ही प्रभावशाली होगी, जितनी दूसरे देशों में बनाई गई वैक्सीन. वैक्सीन की सुरक्षा और सफलता के लिए कई चरण के ट्रायल किए गए हैं.

यह कैसे पता चलेगा कि हम वैक्सीन के लिए योग्य हैं?
पहले चरण में COVID-19 वैक्सीन प्राथमिकता वाले हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को दी जाएगी. उसके बाद उपलब्धता के आधार पर 50 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी. वैक्सीन के लिए योग्य लोगों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए इसकी सूचना दी जाएगी. उन्हें बताया जाएगा की वैक्सीन कहां दी जाएगी और उसका टाइम शेड्यूल भी बताया जाएगा.

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