स्कूली बच्चों को कोरोना : स्कूल खुलते ही एक ही स्कूल के 19 बच्चे मिले पॉजेटिव….आनन-फानन में स्कूल किया गया बंद…. 42 बच्चों में से 34 की हुई थी टेस्टिंग….राज्य सरकार स्कूल पर दोबारा ले सकती है निर्णय

हरियाणा 18 नवंबर 2020। कोरोना के खतरे के बीच खुले स्कूलों से बच्चों के कोरोना संक्रमित होने की खबरें लगातार आ रही है। नया मामला हरियाणा का है, जहां रेवाड़ी के कुंड स्थित माध्यमिक स्कूल के 19 स्कूली बच्चे कोरोना पॉजेटिव मिले हैं। इस खबर के बाद स्कूल शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।  जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां पर 34 विद्यार्थियों के सैंपल लिये गये थे। इतनी संख्या में विद्यार्थी पॉजिटिव मिलने के बाद स्कूल को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है।

बता दें कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर यशेंद्र सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी से फोन पर बात कर सैनिटाइजेशन से लेकर अन्य प्रकार के प्रबंध करने के आदेश दिये हैं। प्रिंसिपल सुनील कुमार ने बताया कि स्कूल में नौ से 12वीं कक्षा के 350 बच्चे हैं। बासदूधा पीएचसी के डॉक्टर अभिषेक ने बताया कि 34 बच्चों के सैंपल लिये गये थे। सोमवार रात को आई जांच रिपोर्ट में बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। अब सभी अभिभावकों के सैंपल भी लिये जाएंगे। जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सोमवार को ही कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से एक उद्यमी समेत दो की मौत हो चुकी है। अब तक जिले में कोरोना से 45 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 9173 पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं।

प्रदेश सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार 1 नवंबर से ही 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए स्कूलों को खोला गया है। इन कक्षाओं के विद्यार्थी स्कूल में परामर्श के लिए आ सकते हैं। कुंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 42 बच्चे परामर्श के लिए पहुंच रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इन बच्चों का 11 नवंबर को सैंपल लिया गया था। मंगलवार को ही 19 बच्चों की सैंपल रिपोर्ट आई तो स्वास्थ्य विभाग के होश उड़ गए। सभी 19 बच्चे कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसकी सूचना तुरंत प्रभाव से उपायुक्त यशेंद्र सिंह को दी गई। उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार से बातचीत करके आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की ओर से तीन दिनों तक स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अहम बात यह है कि अभी बाकी बच्चों की रिपोर्ट आनी है। संक्रमण के खतरे से इन बच्चों का भी बचना मुश्किल माना जा रहा है।

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