कोरोना मरीज ने एम्स की तीसरी मंजिल से कूद कर दी जान, रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद पिछले एक सप्ताह से था भर्ती….कोरोना को परास्त कर आए भंसाली ने की ये अपील

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रायपुर 12 अगस्त 2020। राजधानी में बीती रात एम्स अस्पताल की तीसरी मंजिल से एक व्यक्ति ने कुद कर जान दे दी है। मृतक कोरोना पेसेंट था। कुछ दिनों से उसका एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। समझा जाता है, कोरोना बीमारी से भयभीत होकर उसने आत्महत्या कर ली।
घटना मंगलवार की रात साढ़े 12 बजे के बीच की बतायी जा रही है। मृतक का नाम बुधारू साहू (65) रायपुर के लालपुर निवासी बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक सप्ताह पहले मृतक की तबीयत कुछ ज्यादा खराब हो गयी थी। इसके बाद उसका कोरोना टेस्ट कराया गया। 7 अगस्त को रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद उसे रायपुर एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधारू साहू का दो टेस्ट पाॅजिटिव आया था। इससे वह परेशान चल रहा था।
मंगलवार की रात बुधारू साहू ने एम्स की तीसरी मंजिल से कुद कर जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही आमानाका पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने विवेचना प्रारंभ कर दी है।

कोरोना से डरे नही लड़े

कोरोना पाॅजिटिव आने के बाद 10 दिन तक एम्स में भरती रहे कांग्रेस नेता नीतिन भंसाली ने बुधरू की खुदकुशी के बाद लोगों से अपील की है कि वे भयभीत न हो…। भंसाली ने लिखा है….

एम्स रायपुर में इलाज के दौरान बुधारू की 2 कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी तो इसमे आत्महत्या जैसा कदम उठाने की आवयश्कता क्या थी ? कोरोना मरीजो की 2 नही कई बार 4 रिपॉर्ट भी पॉजिटिव आती है यह कई मामलों में सामान्य है, यदि कोरोना मरीज की 10 दिन के बाद भी 2 या 3 रिपोर्ट पॉजिटिव आती है और यदि उसके शरीर मे कोरोना के कोई भी लक्षण नही होते है तो मेडिकल रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार उस पॉजिटिव कोरोना व्यक्ति के शरीर मे मौजूद वायरस मृत वायरस होता है जिस से उस व्यक्ति या उस व्यक्ति से किसी ओर को कोई हानि या संक्रमण फैलने की दूर दूर तक कोई भी संभावना नही है ओर वो व्यक्ति शत प्रतिशत स्वस्थ होकर लौटता है ये मैंने अपनी आंखों से देखा है ओर इसके कई उदाहरण भी मेरे सामने है. मेरी एम्स में इलाज के दौरान खुद की छठवें दिन भी जांच के दौरान कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी लेकिन 10 वे दिन मेरी रिपोर्ट नेगेटिव आई, पर मुझे दुख इस बात का है कि जानकारी के अभाव में भय डिप्रेशन ओर तनाव में लोग कोरोना पॉजिटिव होने के बाद या तो कार्डियक अरेस्ट, हार्ट फेल, ब्रेन हेमरेज, हाई ब्लड प्रेशर या किसी ओर बीमारी से उनकी मृत्यु हो जा रही है या फिर वो भय के मारे बुधारू जैसा आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे है जो कि चिंताजनक है.

देश या हमारे प्रदेश में कही भी कोरोना से जो मौतें हो रही है या जो लोग डर के मारे आत्महत्या कर रहे है उसकी मुख्य वजह ही कोरोना नामक वायरस का भय है, भय के मारे ही कोरोना पॉजिटिव मरीजो को मल्टीपल हेल्थ प्रॉब्लम हो रही है जिस से उनकी मृत्यु हो रही है या वे डिप्रेशन ओर भय में आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे है.

आप कोरोना से मृत्य के आंकड़े देख लीजिए लगभग सारी मौतें कोरोना से नही बल्कि डर के मारे या हिम्मत हारने,या जानकारी के अभाव या इलाज के लिए लापरवाही करते हुए अस्पताल देर से पोहचने की वजह से ही हो रही है.

में फिर यह दावा करता हूँ लक्षण दिखने पर समय पर जांच, जांच के बाद पॉजिटिव पाये पर खुद ओर खुद के परिवार की सुरक्षा ओर शासन द्वारा जारी गाइड लाइन के नियमो का जो व्यक्ति पालन करेगा वो व्यक्ति अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति ओर मजबूत इरादों से 10 से 17 दिनों में शत प्रतिशत ठीक होगा ओर कोरोना की जंग जीत कर अपने घर वापस लौटेगा.

कोरोना से डरे नही लड़े

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