इंडस्ट्री पर कोरोना की मार, क्वारंटाईन के डर से मेंटेनेंस के लिए नहीं आ रहे इंजीनियर, रायपुर कलेक्टर बोले…खतरे को देखते किया जा रहा गाइडलाइंस का पालन

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रायपुर, 12 जून 2020। छत्तीसगढ़ सरकार ने लाॅकडाउन-3 में ही उद्योग, प्लांटों को चालू करा दी थी। लेकिन, क्वारंटाईन के भय की वजह से मेंटेनेंस के लिए इंजीनियर आ नहीं पा रहे। इससे कई उद्योगों का प्रोडक्शन प्रभावित हो रहा है।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के गाइडलाइंस के अनुसार छत्तीसगढ़ आने वाले लोगों को पहले 14 दिन क्वारंटाईन करने कहा जा रहा है। ऐसे में किसी इंजीनियर को अगर छत्तीसगढ़ आना होगा तो पहले 14 दिन क्वारंटाईन रहेगा। उसके बाद चार-पांच दिन मेेंटेनेंस वर्क करेगा। यानी चार दिन के काम के लिए 18 दिन रुकना होगा।
एक पावर प्लांट की नई यूनिट बन कर तैयार है। एक छोटी सी मशीन इस्टाॅल कर उसे कभी भी चालू किया जा सकता है। लेकिन, बंगलुरू से इंजीनियर इसलिए नहीं आना चाहता क्योंकि उसे पहले 14 दिन क्वारंटाईन रहना होगा। कंपनी प्रबंधन कई बार इंजीनियर से आग्रह कर चुके हैं। मगर मेंटेनेंस कंपनी क्वारंटाईन के भय से आने के लिए तैयार नहीं हो पा रही।
यही हाल रायगढ़ के एक यूनिट का है। बाॅयलर में एक मामूली गड़बड़ी सुधारने के लिए इंजीनियर आने में आनाकानी कर रहा है। उसका कहना है क्वारंटाईन नियम समाप्त होने दीजिए, फिर आकर काम कर दूंगा। कंपनी के प्रबंधकों का कहना है कि मात्र एक घंटे का काम है। मगर उसके लिए इंजीनियर को पहले 14 दिन क्वारंटाईन होना पड़ेगा। इसके चलते पूरे एक यूनिट का उत्पादन ठप हो गया है।
छत्तीसगढ़ में छोटे-बड़े कमोबेश 200 से अधिक इंडस्ट्री इस प्राब्लम को फेस कर रही है। क्योंकि, 21 मार्च के बाद लाॅकडाउन हो गया। और, उसके बाद जब लाॅकडाउन में ढील दी गई तो क्वारंटाईन नियम आ गए। एक बड़े उद्योग समूह के सीईओ का कहना है कि कारखानों में कई मशीनें ऐसी होती हैं, जिनका हर दो महीने में एक बार मेंटेनेंस करना होता है। लेकिन, अभी तीन महीने से सारा काम बंद पड़ा है।
हालांकि, यह भी सही है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना के पाॅजिटिव मरीज जिस तरब बढ़े हैं, उससे कम्यूनिटी इंफेक्शन का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में, लगता नहीं कि सरकार क्वारंटाईन नियमों में ढील देकर कोई जोखिम लेगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 10 जून को कलेक्टर कांफ्रेंस में स्पष्ट तौर पर कहा कि पहली प्राथमिकता लोगों को संक्रमण से बचाना है। इसलिए, क्वारंटाईन में किसी तरह का समझौता नहीं किया सकता। बाहर से आने वाले लोगों को 14 दिन का क्वारंटाईन किया जाए।
रायपुर कलेक्टर एस भारतीदासदन ने आज एनपीजी न्यूज से बात करते हुए कोरोना के खतरे की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि कारखानों में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। बड़ी यूनिटों में तो एक-एक, दो-दो हजार लोग होते हैं। इसको देखते सुरक्षा बरतना जरूरी है।

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