कांग्रेस का BJP पर बड़ा हमला, शैलेश बोले- “भाजपा के लिये न किसान और न धान …. रहा महत्वपूर्ण घोटाला धान और घोटाला नान”….खुद समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले भाजपाईयों को आंदोलन का नैतिक हक नहीं…. भाजपा को कांग्रेस ने किया ये खुला चैलेंज

रायपुर 21 जनवरी 2021। किसान और केंद्र सरकार के बीच चल रहे टकराव के बीच कांग्रेस ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। मीडिया विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन व उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन ने संयुक्त प्रेस काँफ्रेस कर बीजेपी को किसान विरोधी बताया। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा को आंदोलन करने का नैतिक हक नहीं है, उन्हें अपने कार्यकाल में किसानों के लिए किये काम का हिसाब देना चाहिये। शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि “भाजपा के लिये न किसान और न धान ….महत्वपूर्ण रहा है घोटाला धान और घोटाला नान”।

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि 15 सालों तक प्रदेश के किसान सिर्फ ठगे गये। किसान आत्महत्या करते, किसानों से वादाखिलाफी की जाती थी, उन्हें बोनस के नाम पर छला जाता था। किसानों को उन तमाम चीजों का हिसाब बीजेपी को देना चाहिये। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान  कभी एक-एक दाना धान खरीदी के नाम पर, तो कभी मुफ्त बिजली के नाम पर…तो कहीं 2100 रुपया समर्थन मूल्य व 300 रुपया बोनस के नाम पर बीजेपी शासन काल में ठगे गये। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद किसानों को जो न्याय, अधिकार और समृद्धि मिली है, वो बीजेपी शासन काल में गायब हो गयी थी।

केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना 

केंद्र के कृषि कानून को लेकर भी गिरीश देवांगन व शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कृषि कानून के जरिये केंद्र प्राइवेट मंडी खत्म करने, कांटेक्ट फार्मिंग के साथ-साथ बड़े-बड़े उद्योगपतियों को मुनाफा दिलाने की साजिश रच रहा था। नेताद्वय ने चैलेंज किया कि हिम्मत है तो  भाजपा शासित राज्यों में किसानों को धान के दाम और धान खरीदी की स्थिति की जानकारी सार्वजनिक करके दिखाये। उन्होंने कहा कि भाजपा के शीर्ष 28 नेताओं की हमने एक लिस्ट जारी की थी, जिसमें सभी ने शुरुआती दिनों में ही अपने धान समर्थन मूल्य पर बेच दिये। अगर उन्हें विश्वास नहीं था तो प्राइवेट मंडी या दूसरे राज्यों में धान को बेचकर दिखाते।

भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा कि आंदोलन अगर शौक है तो भाजपा नेताओं को दिल्ली में जाकर किसानों के पक्ष में आंदोलन करना चाहिये। छत्तीसगढ़ में धान बेचने वाले भाजपा नेताओं को धान खरीदी पर आंदोलन में शामिल होने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

 

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