कांग्रेस की प्रचंड जीत: कृषि कानूनों पर विरोध के बीच निकाय चुनाव में बीजेपी को झटका, कांग्रेस को छप्पर फाड़ वोट…सातों नगर निगम जीतीं

नईदिल्ली 17 फरवरी 2021. कृषि कानूनों के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच पंजाब में हुए निकाय चुनाव के नतीजे आ रहे हैं। अब तक के नतीजे कांग्रेस को जहां सुकून देने वाले हैं, वहीं भाजपा को परेशान करने वाले हैं।अभी तक आए नतीजों के मुताबिक कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. बीजेपी के लिए पंजाब शहरी निकाय चुनाव के नतीजे हैरान करने वाले हैं. कुछ एक निकायों में तो बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया है. वोटों कि गिनती सुबह आठ बजे से हो रही है. इस चुनाव में कुल 2,252 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है. वोटों की गिनती के लिए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं. बूथ कैप्चरिंग और झड़प के आरोपों के बीच, राज्य में 14 फरवरी को 39,15,280 मतदाताओं के मत डालने के साथ 71.39 प्रतिशत मतदान हुआ था.

स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने मोगा, होशियारपुर, कपूरथला, अबोहर, पठानकोट, बटाला और बठिंडा नगर निगम जीत ली है. बठिंडा नगर निगम कांग्रेस के खाते में 53 साल बाद आई है. बठिंडा लोकसभा का प्रतिनिधित्व शिरोमणी अकाली दल की हरसिमरत बादल करती हैं. राज्य में केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ किसानों के विरोध के बाद उन्होंने खुद को सरकार से अलग कर लिया था. मोहाली नगर निगम के नतीजों का ऐलान गुरुवार को किया जाएगा. बठिंडा शहर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के मनप्रीत सिंह बादल विधायक हैं. वह राज्य के वित्त मंत्री भी हैं. मनप्रीत सिंह बादल शिरोमणी अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के चचेरे भाई हैं.

इस बार 9,222 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. चुनाव में सबसे ज्यादा 2,831 निर्दलीय उम्मीदवार हैं. जबकि पार्टी के तौर पर देखें तो कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 2,037 उम्मीदवार खड़े किए हैं. कांग्रेस के मुक्तसर के उम्मीदवार को निर्विरोध चुन लिया गया है. कृषि कानूनों को लेकर किसानों के विरोध का सामना कर रही, भाजपा ने केवल 1,003 उम्मीदवार ही खड़े किए हैं. इस बार पार्टी अपने सहयोगी दल शिरोमणी अकाली दल के बिना चुनाव लड़ रही है. शिरोमणी अकाली दल अपने 1,569 उम्मीदवारों को चुनाव लड़वा रही हैं.

 

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