कांग्रेस MLA अदिति सिंह ने सीएम योगी को बताया राजनीतिक गुरु हैं….कभी गांधी परिवार की थीं खास

रायबरेली 10 अगस्त 2020। कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले रायबरेली में कांग्रेस से ही बगावत करने का साहस दिखाने वाली युवा विधायक अदिति सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना राजनीतिक गुरू बताया है। एक जमीन से कब्जा छुड़वाने पहुंचीं अदिति सिंह ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की और उनके आगे ही योगी जिंदाबाद के भी जमकर नारे लगाए गए। कांग्रेस के बाहुबली नेता रहे अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह रायबरेली से सदर से विधायक हैं। अदिति सिंह कांग्रेस में गांधी परिवार के बहुत करीबी मानी जाती थीं। बीते दिनों अचानक उन्होंने बीजेपी के गुणगान करने शुरू कर दिए। योगी आदित्यनाथ और प्रियंका गांधी के बीच हुई बस पॉलिटिक्स को लेकर उन्होंने अपनी ही पार्टी की निशाने पर लिया था।

अदिति सिंह ने कहा कि सीएम योगी से उन्होंने बहुत कुछ सीखा है, सीएम योगी ही उनके सियासी गुरु हैं और उन्हीं की वजह से वो हर जंग आसानी से लड़ पा रही हैं ,आपको बता दें कि अदिति सिंह ने ये बात आज सिविल लाइन चौराहे पर मीडिया से बात करते हुए कही , जहां वो कमला नेहरू ट्रस्ट की जमीन पर काबिज पटरी दुकानदारों के पक्ष में आवाज उठा रही थीं, गौरतलब है कि माननीय न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पटरी दुकानदारों को ट्रस्ट की जमीन तत्काल प्रभाव से खाली करने का नोटिस दिया है।

दुकानदारों के लिए न्याय की बात करते हुए अदिति सिंह ने कहा कि ये गरीब कहां जाएंगे, जब जमीन पर कई दशक से ये दुकानदार काबिज हैं तो ये फिर यह जमीन कमला नेहरू ट्रस्ट की कैसे हो गई, मालूम हो कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अदिति सिंह की सदस्यता पर फैसला आने के बाद पहली बार अदिति सिंह ने इस तरह का बयान दिया है, आज आदिति सिंह के साथ उनके समर्थक भी वहां काफी संख्या में मौजूद थे, जिन्होंने वहां योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद के नारे भी लगाए।

उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही रायबरेली के बाहुबली रहे पूर्व विधायक स्वर्गीय अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह का झुकाव सरकार की तरफ हो गया है। कांग्रेस की कई बंदिशों का विरोध करते हुए विधायक अदिति सिंह ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ सरकार के पक्ष में बयान दिया। बीते वर्ष गांधी जयंती पर विधानसभा के विशेष सत्र में आने पर कांग्रेस से निलंबन के नोटिस पर उन्होंने कहा कि यह उनका फैसला था। वह इस विशेष सत्र का हिस्सा बनकर लोगों की बात रखने के लिए गई थीं। वह तो जनता की प्रतिनिधि हैं, किसी पार्टी की प्रॉपर्टी नहीं हैं।

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