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वैक्सीन बर्बादी के आँकड़े पर भिड़ंत.. केंद्र की सूची में छत्तीसगढ़ देश में नंबर 2 पर, जबकि राज्य सरकार की दलील- “आंकड़े ग़लत हैं..हमने पहले ही पत्र लिखा है”

रायपुर 26 मई 2021। कोरोना को लेकर छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार के बीच शुरू से टकराव के हालात रहे हैं। फिर चाहे वो कोरोना के हालात को लेकर हो, व्यवस्थाओं को लेकर हो या फिर वैक्सीनेशन को लेकर ….अब ताजा मामला वैक्सीनेशन के वेस्टेज से जुड़ा है। दरअसल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वैक्सीन को बर्बाद करने के जो आंकड़े सार्वजनिक किये हैं, उनमें छत्तीसगढ़ और झारखंड को टॉप पर रखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि छत्तीसगढ़ में 30 प्रतिशत से ज्यादा डोज बर्बाद किये हैं। वहीं छत्तीसगढ़ का कहना है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में गड़बड़ी है।

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने इस बाबत एक पत्र भी स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा है, जिसमें ना सिर्फ आंकड़ों को दुरूस्त करने का अनुरोध किया है, बल्कि वैक्सीनेशन के आंकड़े भी दिये हैं। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने आंकड़ों में बताया था कि झारखंड ने सबसे ज्यादा वैक्सीन के डोज बर्बाद किये हैं, जबकि छत्तीसगढ़ दूसरे नंबर पर है। झारखंड में 37.3 और छत्तीसगढ़ में 30.2 प्रतिशत डोज बर्बाद हुए हैं।

इधर, आलोक शुक्ला ने 21 मई तक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि केंद्रीय चैनल के जरिये छत्तीसगढ़ को कुल 68 लाख 40 हजार 210 डोज मिले थे, जिसमें से 61 लाख 67 हजार 632 लोग वैक्सीनेट किये जा चुके हैं। 6 लाख 16 हजार 970 डोज बचे हैं। वहीं 55 हजार 608 डोज बर्बाद हुए हैं, जो बर्बाद हुए वैक्सीन का 0.81 प्रतिशत है। वहीं छत्तीसगढ़ कोटे की कुल वैक्सीन 7 लाख 97 हजार 110 मिली थी, जिसमें से 6 लाख 66 हजार 101 लोगों को वैक्सीन लगायी जा चुकी है। 1 लाख 25 हजार 970 वैक्सीन बची है, जबकि 5039 वैक्सीन बर्बाद हुई है, जो कुल वैक्सीन का सिर्फ 0.63 प्रतिशत है।

केंद्र के मुताबिक- कहां कितने वैक्सीन हुए बर्बाद

केंद्र के मुताबिक झारखंड और छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीन की सबसे ज्यादा बर्बादी हुई है. इन दो राज्यों में 30 फीसदी से ज्यादा वैक्सीन बर्बाद हुए हैं. वहीं इसके बाद तमिलनाडु वैक्सीन की बर्बादी में तीसरे नंबर पर है. जबकि जम्मू कश्मीर चौथे और मध्य प्रदेश पांचवें नंबर पर हैं. केंद्र सरकार ने राज्यों कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वैक्सीन की बर्बादी कम से कम हो.
मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े पर नजर डालें तो तो झारखंड में 37.3 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 30.2 फीसदी, तमिलनाडु में 15.5 फीसदी. जम्मू कश्मीर में 10.8 फीसदी और मध्य प्रदेश में 10.7 फीसदी वैक्सीन बर्बाद हुए हैं. राष्ट्रीय औसत की बात करें तो देश भर वैक्सीन की बर्बादी की दर 6.3 फीसदी है.

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