बदलेंगे कलेक्टर

संजय के दीक्षित
तरकश, 4 अक्टूबर 2020
इस महीने 31 अक्टूबर को गरियाबंद के कलेक्टर छतर सिंह डेहरे रिटायर हो जाएंगे। राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस बने छतर सिंह का कलेक्टर के रूप में गरियाबंद पहला और आखिरी जिला होगा। इसी साल 27 मई को सरकार ने उन्हें कलेक्टर बनाकर गरियाबंद भेजा था। कुल मिलाकर पांच महीने वे कलेक्टर रहे। फिर भी छतर सिंह किस्मती अफसर रहे, जिन्हें सरकार ने कलेक्टर बनने का अवसर दे दिया। वरना, छत्तीसगढ़ में कई ऐसे प्रमोटी आईएएस रहे हैं, जिन्हें कलेक्टर बनने का मौका नहीं मिल पाया। बहरहाल, जिले से रिटायर करने वाले डेहरे दूसरे आईएएस होंगे। उनसे पहिले बीपीएस नेताम कांकेर कलेक्टर रहते रिटायर हुए थे। रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ जैसे चार बड़े जिलों की कलेक्टरी किए ठाकुर राम सिंह के समय लगा था कि वे रायपुर कलेक्टर से रिटायर होंगे। लेकिन, सरकार ने आखिरी समय में उन्हें कमिश्नर बना दिया था। वैसे, छतर सिंह डेहरे के रिटायर होने पर गरियाबंद में नए कलेक्टर की पोस्टिंग की जाएगी। खबर है गरियाबंद के साथ ही सरकार दो-तीन और कलेक्टरों को इधर-से-उधर कर सकती है।

सुबोध और सोनमणि

अधिकांश आईएएस रायपुर का कलेक्टर बनना इसलिए पसंद नहीं करते क्योंकि माना जाता है कि रायपुर आखिरी कलेक्टरी होती है…यानि कलेक्टरी की इनिंग समाप्त हो जाती है। लेकिन, ऐसा नहीं है। छत्तीसगढ़ में दो ऐसे आईएएस हैं, जिन्हें रायपुर के बाद बिलासपुर का कलेक्टर बनने का मौका मिला। वे हैं सुबोध सिंह और सोनमणि बोरा। सुबोध तो रायपुर से बिलासपुर गए और फिर बिलासपुर से दोबारा रायपुर के कलेक्टर बनें। रायपुर कलेक्टर से फिर वे सीएम सचिवालय गए। सुबोध ने रायपुर में दो बार कलेक्टरी की। इसी तरह सोनमणि कवर्धा से रायपुर आए थे और रायपुर से फिर बिलासपुर कलेक्टर बनें। हालांकि, ये सही है कि अधिकांश कलेक्टरों के लिए रायपुर लास्ट जिला रहा। एमके राउत, सीके खेतान, आरपी मंडल, अमिताभ जैन, रोहित यादव, सिद्धार्थ परदेशी, ठाकुर राम सिंह सभी का रायपुर आखिरी जिला रहा। ओपी चैधरी का भी कलेक्टर के तौर पर रायपुर आखिरी जिला रहा। लेकिन, उन्होेंने खुद से वीआरएस ले लिया। मगर ये सही है कि वीआरएस नहीं भी लिए होते तो सरकार बदलते उन्हें रायपुर से हटना पड़ता। फिलहाल, एस भारतीदासन रायपुर के कलेक्टर हैं। प्रदेश के सबसे सीनियर कलेक्टर भारतीदासन को भी समझा जाता है कि रायपुर उनका आखिरी जिला होगा। फिर भी उम्मीद के लिए सुबोध और सोनमणि…ये दो नाम तो हैं…हो सकता है, जो रायपुर का कलेक्टर बने, उसे आगे चलकर बिलासपुर जिले में अवसर मिल जाए।

सीएम का सीधा संवाद

गांधी जयंती के दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रियों के साथ वीडियोकांफें्रसिंग से वन अधिकार पट्टा वितरण किया। सीएम ने पट्टा सौंपने के बाद कुछ हितग्राहियों से सीधे संवाद करना चाहा। इससे कलेक्टर हड़बड़ा गए। क्योंकि, इसकी तैयारी की नहीं थी। आमतौर पर ऐसे वक्त के लिए प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को ट्रेंड कर देते हैं। लेकिन, अफसरों को इसका अंदेशा नहीं था कि इतने व्यस्त कार्यक्रम के बाद भी सीएम ग्रामीणों से बात करने की इच्छा व्यक्त कर देंगे।

कप्तानी पारी

कप्तान कितना भी अच्छा हो मगर अगर टीम अनकूल नहीं है, तो कप्तान की सफलता पर हमेशा संशय बना रहता है। ऐसा ही कुछ रायपुर के एसएसपी अजय यादव के साथ हो रहा है। हैं तो काबिल अफसर मगर रायपुर में अभी उनकी अपनी टीम नहीं बन पाई है। दुर्ग से जब वे रायपुर आए थे तो समझा गया था कि वहां से कुछ अफसरों को लेकर रायपुर आएंगे। मगर ऐसा हुआ नहीं। 2004 बैच के आईपीएस अजय प्रदेश के सबसे सीनियर पुलिस कप्तान हैं। उनकी जब रायपुर में पोस्टिंग हो रही थी तो एक वर्ग ऐसा था, जो नहीं चाह रहा था कि उनके जैसे अफसर को रायपुर का एसपी बनाया जाए। लेकिन, सीएम ने उसे अनसूना करते हुए अजय यादव को एसएसपी अपाइंट कर दिया। अजय यादव को राजधानी में कप्तानी पारी खेलनी है तो अपनी टीम बना लेनी चाहिए।

बड़ी बात

राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस बने अफसरों के लिए यह बड़ी बात होगी…सरकार ने सुकमा के एसपी शलभ सिनहा को कवर्धा और कवर्धा के एसपी केएल ध्रुव को सुकमा का कप्तान बना दिया है। दरअसल, सुकमा में नक्सलियों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। माओवादियों ने वहां तीसरा लड़ाकू दस्ता बना लिया है। नक्सलियों के पास अभी तक दो कंपनी थी। मगर मिरतूर और सुकमा के पास हुए नक्सली वारदातों में जवानों से करीब 35 हथियार नक्सलियों ने इस साल लूट लिए। पुलिस के पास पुख्ता खबर है कि नक्सलियों ने 100 लड़ाकों की नई हथियारबंद कंपनी बनाई है। इसकी खबर मिलने पर आंतरिक सुरक्षा सलाहकार विजय कुमार छत्तीसगढ़ आए थे। वे बस्तर गए। लौटकर सीएम से भी मिले। उसके बाद केएल ध्रुव को सुकमा का एसपी बनाने का आदेश जारी हो गया। बताते हैं, ध्रुव ने बीजापुर के एसपी रहते नक्सलियों के खिलाफ फोर्स की तगड़ी मोर्चेबंदी की थी। धु्रव प्रमोटी आईपीएस हैं।

अंत में दो सवाल आपसे

1. आदिवासी इलाके के एक ऐसे कलेक्टर का नाम बताइये, जिन्हें एक लोकल नेता बोलते हैं बैठ, तो बैठ जाते हैं और बोलते हैं खड़ा, तो खड़े हो जाते हैं?
2. किस जिले के एसपी को अगला एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बनाने की चर्चा है?

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