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कलेक्टर-एसपी की छुट्टी : CM ने दोपहर की मीटिंग में फटकार लगायी… शाम होते-होते पहुंच गया दोनों की रवानगी का आदेश…. कलेक्टर को बैठक में कहा था- मरीज को सरकारी मदद देने में 28 दिन का समय, ये है आपकी गवर्नेंस

कलेक्टर-एसपी की छुट्टी : CM ने दोपहर की मीटिंग में फटकार लगायी… शाम होते-होते पहुंच गया दोनों की रवानगी का आदेश…. कलेक्टर को बैठक में कहा था- मरीज को सरकारी मदद देने में 28 दिन का समय, ये है आपकी गवर्नेंस
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By NPG News

भोपाल 9 दिसंबर 2020। मुख्यमंत्री की निर्देश पर कलेक्टर और एसपी की छुट्टी हो गयी है। आज दोपहर जिलेवार समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कटनी के कलेक्टर और नीमच के एसपी दोनों को फटकार लगायी थी। तभी से ये माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री की नाराजगी का खामियाजा इन दोनों अफसरों को उठाना पड़ सकता है। देर शाम होते-होते सीएम हाउस से दोनों की छुट्टी का आदेश जारी भी हो गया। शिवराज सिंह चौहान ने आज पिछड़े जिलों के कलेक्टरों की बैठक ली थी।

दरअसल आज समीक्षा बैठक के दौरान कटनी में नसबंदी मामले को लेकर कटनी के कलेक्टर से कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा गया, जिसे लेकर कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने गोलमोल जवाब देना शुरू कर दिया। वहीं सीएम तक इस मामले की रिपोर्ट नहीं भेजे जाने को लेकर पूछे गये सवाल पर भी कलेक्टर ने दो तीन दिन में भेजने की बात कही, जिसके बाद बैठक में ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जतायी।

उसी तरह नीमच एसपी मनोज कुमार राय पर ढीली पुलिसिंग को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जतायी थी। देर शाम नीमच एसपी मनोज कुमार राय को भी पीएचक्यू अटैच कर दिया गया, वहीं सूरज वर्मा को अब नीमच का नया एसपी बनाया गया है। धान खरीदी में गड़बड़ी होने पर किसानों के प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री ने कटनी कलेक्टर शशिभूषण सिंह को फटकार लगाई। सचिवालय की ओर से नसबंदी को लेकर मांगी गई रिपोर्ट नहीं भेजने पर भी नाराजगी जाहिर की गई। अपराधों पर नियंत्रण नहीं होने को लेकर नीमच के एसपी मनोज कुमार राय के कामकाज पर भी अंसतोष जताया।

दरअसल मुख्यमंत्री को इस बात की जानकारी मिली थी कि पिछड़े जिलों में मरीजों के लिए स्वीकृत स्वेच्छानुदान की रकम ट्रांसफर करने में कलेक्टर 28 दिन का समय लगा रहे हैं। इसे लेकर भी आज की बैठक में मुख्यमंत्री ने फटकार लगायी थी। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या यही आपकी गर्वेनेंस है कि मरीजों को 28 दिनों में स्वेच्छानुदान की राशि नहीं मिल पाती है।

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