कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल ने सबसे कम दिन की कलेक्टरी का विलास संदीपन का रिकॉर्ड तोड़ दिया, 113 दिन में लौटे राजधानी, रितेश, कुन्दन को मिला अच्छा जम्प

रायपुर, 28 सितंबर 2021। राज्य सरकार ने आज तीन कॉलेक्टरों को बदल दिया। इसमें दो को कलेक्टरी से हटाकर रायपुर बुलाया गया है।
तीन कॉलेक्टरों में जशपुर, बलरामपुर और बीजापुर शामिल है। जशपुर कलेक्टर महादेव कावड़े का काम ठीक था। मगर घटना ही ऐसी थी कि सरकार के पास हटाने के अलावा कोई चारा नहीं था। जशपुर के दिव्यांग छात्रावास में रेप और छेड़छाड़ की घटना पर विपक्ष शोर-शराबा करता, उससे पहले सरकार ने कावड़े को हटा दिया।
दूसरा झटका सरकार ने बलरामपुर कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल को दिया। पंडो जनजाति का मकान तोड़ने को सरकार ने गंभीरता से लिया। सरकारें एक तरफ गरीबों को मकान बनाकर दे रही और बलरामपुर में तोड़ा जा रहा था। बलरामपुर में महीने भर में 23 पंडो जनजाति के लोगों की अज्ञात बीमारी से मौत हो गई। इंद्रजीत इसे हैंडिल नहीं कर पाए। और अपना विकेट गंवाकर रायपुर लौट आए।
2013 बैच के आईएएस इसी साल 5 जून को पहली कलेक्टरी करने बलरामपुर गए थे। लेकिन 113 दिन में ही आउट हो गए। याने सवा तीन महीने। इंद्रजीत ने विलास संदीपन का सबसे कम दिन की कलेक्टरी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। विलास 6 फरवरी 2019 को जॉइन किये थे। और 10 जून 2019 को हटा दिए गए। हालांकि, विलास अभी बेमेतरा के कलेक्टर हैं। और पिच पर ठीक से जमे हुए हैं।
बहरहाल, आज की पोस्टिंग में बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल को जशपुर शिफ्ट किया गया है। 7 ब्लॉक का जिला है जशपुर। बीजापुर से तो अच्छा ही है। बीजापुर में तो बीजापुर मुख्यालय से कलेक्टर बाहर नहीं निकल पाता। जशपुर अब ठीक-ठाक जिला हो गया है। उधर, 2014 बैच के कुन्दन कुमार को भी पहली बार मे बलरामपुर के रूप में बढियां जिला मिल गया। कवर्धा, दुर्ग और कोरबा, तीन जिला पंचायत के सीईओ रह चुके कुंदन रिजल्ट देने वाले अधिकारी माने जाते हैं। कुन्दन ने 14 बैच की कलेक्टरी का खाता भी खोल दिया है।
