सीएम ने मांगी डीजीपी से रिपोर्टः पुलिस अधिकारियों की बार पार्टी से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी नाखुश, डीजीपी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, बार में पुलिस वालों ने की मवालियों टाईप हंगामा

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रायपुर, 4 अक्टूबर 2021। बिलासपुर में कल रात बियर-बार में पार्टी कर रहे पुलिस अधिकारियों का जो बाउंसर के साथ विवाद हुआ, उसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी नाखुश हैं। उन्होंने डीजीपी डीएम अवस्थी से मामले पर रिपोर्ट मांगी है।
इससे पहले एनपीजी न्यूज ने डीजीपी से बात की थी। डीजीपी भी इस घटना गुस्से में थे। उन्होंने कहा था कि बिलासपुर एसपी से रिपार्ट मांगा हूं…मवालियों की तरह बार में पुलिस अधिकारियों का हंगामा और झूमाझटकी करना गंभीर बात है। CG-अफसरों की बार पार्टी से डीजीपी गुस्से में, बोले…विभाग की छवि घूमिल करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, बार में देर रात इंट्री को लेकर अधिकारी और बाउंसर में हुई थी झूमाझटकी
ज्ञातव्य है, बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मैग्नेटो माल में संचालित भूगोल बार मे रविवार रात चल रही पुलिस अफसरों की पार्टी में एंट्री को लेकर पुलिस अधिकारियो व बार के बाउंसर की झड़प हो गई। विवाद के बाद मामला इतना बढ़ा की थाने तक पहुँच गया पर बिना एफआईआर करवाये ही देर रात अफसर लौट गए।
भूगोल बार मे कल रात बिलासपुर और जीपीएम जिले के डीएसपी लेवल के पुलिस अफसरों ने फेमिली पार्टी रखी थी। रात करीब 11 बजे के लगभग चकरभाठा सीएसपी सृष्टि चन्द्राकर व उनके पति सहायक जेल अधीक्षक सोनाल डेविड पहुँचे। चूकि रात 11 बज गया था और बार में साढ़े दस बजे तक इंट्री का नियम है लिहाजा मौजूद बाउंसर राहुल अग्रहरि ने अफसर दम्पति को टाइम खत्म होने का हवाला दे कर अंदर जाने से रोक दिया। इस पर अफसरों ने अपना परिचय दिया कि वे पुलिस वाले हैं। बावजूद इसके गॉर्ड अंदर नही जाने देने की बात पर अड़ा रहा। बाउंसर द्वारा महिला सीएसपी से अभद्रता भी की गई। सीएसपी के पति ने इसका विरोध किया तो दोनों में झूमाझटकी हो गई। बाहर चल रहे हंगामे की आवाज सुन कर बाकी अफसर भी बाहर आ गए और सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी गई। इसी बीच मौका पा कर गॉर्ड राहुल अग्रहरि फरार हो गया।
गॉर्ड के फरार होने के बाद सारे पुलिस अफसर आधी रात को सिविल लाइन थाना पहुँच गए और बार के मैनेजर अंकित दुबे को बुलवा कर बाउंसर के बारे में पूछ ताछ की। बार का बाउंसर राहुल अग्रहरि अपना फोन बंद कर फरार हो गया था। पुलिस ने उसके रहने के ठिकाने व अन्य जगहों में पता तलाश भी किया पर बाउंसर का पता नही चल पाया। दूसरी तरफ सारे अधिकारी रात तीन बजे तक कार्रवाई के लिए थाने में ही जमा रहे पर अपनी फजीहत होती देख उन्होंने एफआईआर दर्ज नही करवाया। काफी रात तक खोजबीन करने के बाद भी बाउंसर के नही मिलने पर सारे पुलिस अधिकारी रात बिना एफआईआर करवाये ही थाने से लौट गए।
