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सिद्धू के तेवर से अविचल CM चरणजीत : अब से कुछ देर बाद बुलाई कैबिनेट बैठक.. पूरे मसले पर मस्त मौला अंदाज में बोले – ”ओऽऽ..कोई गल नई ए जी”.. आलाकमान के संकेत -राज्य का मसला राज्य स्तर पर समाधान.. वहीं सिद्धू ने जारी किया वीडियो

सिद्धू के तेवर से अविचल CM चरणजीत : अब से कुछ देर बाद बुलाई कैबिनेट बैठक.. पूरे मसले पर मस्त मौला अंदाज में बोले – ”ओऽऽ..कोई गल नई ए जी”.. आलाकमान के संकेत -राज्य का मसला राज्य स्तर पर समाधान.. वहीं सिद्धू ने जारी किया वीडियो
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By NPG News

चंडीगढ़,29 सितंबर 2021। पीसीसी चीफ पद से इस्तीफ़ा देकर क्या नवजोत सिद्धू हिटविकेट हो गए हैं ? यदि राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को देखें तो लगता कुछ ऐसा ही है। कल दिन भर पंजाब की गूंज 12 तुग़लक़ लेन पर रही लेकिन वहाँ से ऐसा कुछ हुआ नहीं जिसे लेकर यह माना जाए कि कोई अलार्मिंग सी स्थिति के संकेत दिए गए हैं। सिद्धू से शुरु इस्तीफ़े का दौर एक मंत्री और दो संगठन से जुड़े लोगों के इस्तीफ़े तक रहा और इन सबके बीच मुख्यमंत्री यूँ रहे मानों कुछ हुआ ही ना हो। वे कल शहीदे आज़म भगत सिंह के निवास गए, मत्था टेका और लौट कर रुटीन के

काम निपटाते रहे। केंद्र सरकार को किसान बिल मुद्दे पर कहा
”मैं आग्रह करता हूँ बिल वापस लें ले.. वर्ना हमें विधानसभा में प्रस्ताव लाना होगा”
दिलचस्प उनका वह व्यक्तव्य था जिसे उन्होंने तब तब इस्तेमाल किया जब जब पत्रकारों ने सिद्धू से लगायत अमरिंदर मसले पर सवाल किया। हालाँकि इस व्यक्तव्य की शुरुआत कैप्टन अमरिंदर के दिल्ली दौरे के सवाल से हुई,

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा
”ओऽऽऽ.. कोई गल नई ए जी.. कैप्टन साहब हमारे सीएम रहे हैं, वे पंजाब के मुद्दों पर चर्चा करने वहाँ गए होंगे”
CM चरणजीत सिंह चन्नी का यह अंदाज पूरे दिन बल्कि जब कि यह पंक्तियाँ लिखी जा रही हैं अनवरत बना हुआ है। जब कोई सवाल किसी ने पूछा, CM चन्नी मुस्कुराते और कहते
”ओऽऽऽ.. कोई गल नई ए जी”
अब से कुछ देर पहले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है, और उस पर नज़रें टिकी हैं कि क्या वे किसान बिल को लेकर कोई निर्णय कर गुजरते हैं।
इधर नवजोत सिंह सिद्धू ने क़रीब पाँच मिनट का वीडियो अपने अधिकृत ट्वीटर हैंडल पर जारी करते हुए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने उसमें कहा है
”जिन लोगों ने अकालियों की मदद की..उन्हें क्लीन चिट दे दी, फिर वो अधिकारी हों या AG हों.. वे फिर से चले आएँ तो यह मैं नहीं होने दूँगा..यह लड़ाई इसलिए तो लडी नहीं गई थी”
सिद्धू ने कहा –
”मैं न हाईकमांड को गुमराह कर सकता, न गुमराह होने दे सकता। इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ने के लिए, पंजाब के लोगों की ज़िन्दगी को बेहतर करने के लिए किसी भी चीज की कुर्बानी मैं दूंगा। इसके लिए मुझे कुछ सोचने की ज़रूरत नहीं है”
लेकिन जो खबरें हैं और जो नजारा है वह सिद्धू के लिए कतई बेहतर नहीं दिखता। कांग्रेस आलाकमान की ओर से इस चिल्लम चोट पर सरसों के दाना बराबर हलचल नहीं दिखी है। कल कन्हैया कुमार को कांग्रेस प्रवेश कराने के बाद खबरें हैं कि राहुल गांधी आज केरल जा सकते हैं।

सूत्रों के हवाले से आ रही मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आलाकमान ने इस मसले को लेकर जो लाईन दी है वो एकदम सपाट है।वो लाईन है कि यह मसला राज्य का है.. राज्य स्तर पर इसे निपटा लें”
वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सधे शब्दों में तीखा वार किया है। उन्होंने पंजाब मसले पर कहा है
”मुझे ये बात कहने में बिल्कुल भी संकोच नही है कि जिन लोगों को ज़िम्मेदारी दी गई थी वो पंजाब को समझ नहीं पाए… चुनाव एक पहलू है पर राष्ट्र हित दूसरा पहलू है। पंजाब की राजनीतिक स्थिरता को बहाल करने की ज़रूरत है”

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