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CM भूपेश ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र पर साधा निशाना, कहा- “हां और ना में जवाब दे सरकार….तुरंत विशेष सत्र बुलाये और किसान बिल को वापस ले”….पूछा- “छत्तीसगढ़ जैसी खरीदी की व्यवस्था देश भर में क्यों नहीं हो सकती लागू”

CM भूपेश ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र पर साधा निशाना, कहा- “हां और ना में जवाब दे सरकार….तुरंत विशेष सत्र बुलाये और किसान बिल को वापस ले”….पूछा- “छत्तीसगढ़ जैसी खरीदी की व्यवस्था देश भर में क्यों नहीं हो सकती लागू”
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By NPG News

रायपुर 12 अगस्त 2020। किसान बिल को लेकर केंद्र सरकार की हठधर्मिता पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजीव भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया, उन्होंने कहा कि बिना अगर-मगर के केंद्र सरकार विशेष सत्र बुलाये और तुरंत किसान बिल को वापस ले। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हाथों किसानों के हितों को बेचने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ये बिल बिना किसी के रायशुमारी और किसान के हितों को ताक पर रखकर बनाया गया है, इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिये। तमाम मंत्रियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान बिल पर बीेजेपी की सोच पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ..

“आज भाजपा 2019 के कांग्रेस के घोषणा पत्र का उदाहरण दे रही है, कांग्रेस के घोषणापत्र से बीजेपी का क्या लेना देना है, जब किसान इस कानून को नहीं चाह रहे हैं तो क्यों जबरदस्ती कानून लाया गया, केंद्र सरकार को पूरे देश में समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था करनी चाहिये, वो तो कर नहीं पा रही है, अभी भी बिहार में किसान 800 से 1000 रुपये में धान बेचने को मजबूर हैं। जबकि जो कानून अभी केंद्र ने लाया है, वो कानून बिहार में 2006 से लागू है, बावजूद किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, इसलिए इस काले कानून को तत्काल रद्द किया जाना चाहिये, इसमें संशोधन नहीं पूरा बिल ही वापस होना चाहिये”

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की जिस तरह की व्यवस्था की गयी है, चाहे समर्थन मूल्य में खरीदी की बात हो या फिर न्याय योजना के तरह किसानों के खाते में पैसा पहुंचाने की व्यवस्था … उसे दूसरे प्रदेशों में भी क्यों लागू नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि

“पूरे देश की जीडीपी अगर संभली है, तो किसानों की बदौलत है, लेकिन वही किसान आज सड़कों पर आ गये हैं, किसानों के हितों का इस काले कानून में कोई ख्याल नहीं है, पूरे देश में समर्थन मूल्य में धान की खरीदी की व्यवस्था की जानी चाहिये, सभी फसलों का MSP तय किया जाना चाहिये”

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