चीफ सिकरेट्री और DGP दिल्ली तलब : भाजपा अध्यक्ष पर हमला मामले में होम मिनिस्ट्री हुआ सख्त….राज्यपाल ने भी भेजी अपनी रिपोर्ट… जानिये कौन हैं डीजीपी और चीफ सिकरेट्री

नयी दिल्ली 11 दिसंबर 2020। पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हुए हमले को लेकर राजनीति तेज हो गई है। इस मामले में अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के चीफ सिकरेट्री और डीजीपी को दिल्ली तलब किया है। इस बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नड्डा की यात्रा के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे. राज्यपाल कार्यालय ने कहा है कि यात्रा की पहले से सूचना होने के बावजूद इन नेताओं की यात्रा में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को 14 दिसंबर को तलब किया है.
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलप्पन बंदोपाध्याय हुए तलब
1987 बैच के आईएएस अधिकारी अलप्पन बंदोपाध्याय ने इसी साल राजीव सिन्हा के रिटायर होने के बाद 1 अक्टूबर से पश्चिम बंगाल में मुख्य सचिव का पदभार संभाला है। बंदोपाध्याय ममता सरकार के कार्यकाल में अलग-अलग पदों पर कार्यरत रह चुके हैं। इससे पहले वह राज्य के गृह विभाग के इंचार्ज थे। वह हावड़ा, उत्तर-दक्षिण 24 परगना के डीएम भी रह चुके हैं। वह कोलकाता नगर निगम के कमिश्नर भी रह चुके हैं। उससे पहले वह ट्रांसपोर्ट, एमएसएमई, कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री, इंफॉर्मेशन ऐंड कल्चर और गृह विभाग में प्रमुख सचिव पद पर भी तैनात रह चुके हैं। वह 2015 में अंतरिम राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में भी कार्यभार संभाल चुके हैं।
कौन हैं पश्चिम बंगाल के डीजीपी?
वहीं डीजीपी विरेंद्र 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी है। मई 2018 में बंगाल के डीजीपी नियुक्त हुए इससे पहले वह डीजी (सुरक्षा) पद पर तैनात थे। डीजीपी वीरेंद्र के कार्यकाल के दौरान बंगाल पुलिस पर अराजकता और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के आरोप लगे। बंगाल बीजेपी को राज्य पुलिस को ‘ममता के गुंडे’ तक करार दे चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि गुरुवार को 24 परगना जिले जाते वक्त डायमंड हार्बर इलाके में जेपी नड्डा का काफिला रोकने की कोशिश की गई। उनके काफिले में मौजूद गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए। यही नहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं को लाठी-डंडों से पीटा गया। हमले में 8 बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं पार्टी नेता कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय को भी हल्की चोटें आई हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि टीएमसी के गुंडों पर उनकी गाड़ी पर हमला किया है।
