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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निभाया अपना एक और वादा, पाटे में बैठकर लोगों से की चर्चा, संघर्ष के दिनों में इसी पाटे पर बैठकर पी थी चाय

रायपुर, 18 सितंबर 2021। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संघर्ष के दिनों में ब्राह्मणपारा के नागरिकों से किया गया एक वादा और आज पूरा किया। लोगों ने उनसे वादा लिया था जब वे मुख्यमंत्री बन जाएंगे तब भी इसी तरह मोहल्ले की दुकान के पाटे में आकर बैठेंगे। आज अपने नगर-भ्रमण के दौरान श्री […]

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निभाया अपना एक और वादा, पाटे में बैठकर लोगों से की चर्चा, संघर्ष के दिनों में इसी पाटे पर बैठकर पी थी चाय
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रायपुर, 18 सितंबर 2021। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संघर्ष के दिनों में ब्राह्मणपारा के नागरिकों से किया गया एक वादा और आज पूरा किया। लोगों ने उनसे वादा लिया था जब वे मुख्यमंत्री बन जाएंगे तब भी इसी तरह मोहल्ले की दुकान के पाटे में आकर बैठेंगे। आज अपने नगर-भ्रमण के दौरान श्री बघेल ब्राह्मणपारा के खादी भंडार पहुंचे और उसी पाटे में बैठकर लोगों से बातचीत की।

दरअसल, ब्राह्मणपारा सहित रायपुर के पुराने मोहल्ले में आज भी चौराहे और गलियों के पाटों में बैठकर चर्चा करने की परंपरा कायम है। मोहल्लों के आम बुजुर्गों से लेकर महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक हस्तियां भी इन पाटों पर शाम को सजने वाली गोष्ठियों में शामिल होती रही हैं। राजनीति से लेकर विज्ञान तक की चर्चा इन्हीं पाटों में की जाती रही है। श्री भूपेश बघेल का इन पुराने मोहल्लों और वहां के लोगों से सघन संबंध रहा है। जब वे छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे तब एक कार्यक्रम के सिलसिले में ब्राह्मणपारा स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने सेम्हरा बाड़ा परिसर में स्थित खादी दुकान से कपड़े भी खरीदे थे। खरीदारी करते हुए उन्होंने दुकानदार से कहकर अपने लिए चाय मंगवाई थी, जब दुकानदार ने कुर्सी आगे करते हुए उनसे बैठने का आग्रह किया तो वे यह कहते हुए बाहर पाटे में जा बैठे कि चाय पीने का आनंद पाटे में बैठकर ही आता है। तब श्री बघेल की इस सरलता को देखकर मोहल्ले के लोगों ने कहा था कि आप एक दिन जरूर मुख्यमंत्री बनेंगे। जब मुख्यमंत्री बन जाएंगे तब भी आप इस पाटे में बैठने जरूर आइएगा।
आज आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जब गणेश प्रतिमा के दर्शन करने ब्राह्मणपारा पहुंचे तो कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने उन्हें वह वादा याद दिलवाया। मुख्यमंत्री ने सहजता से आग्रह स्वीकार किया और उसी खादी भंडार के पाटे में जा बैठे। वहां के निवासियों ने कहा कि भूपेश बघेल जो वादा करते है उसे निभाते भी हैं।

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