1200 मजदूरों को लेकर छत्तीसगढ़ की पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची बिलासपुर, स्वास्थ्य जांच के बाद क्वारांटीन सेंटर भेजे जा रहे

बिलासपुर 12 मई 2020। गुजरात में पिछले दो माह से लॉकडाउन के कारण फंसे मजदूरों को लेकर छत्तीसगढ़ की पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन आज सुबह बिलासपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची। सामाजिक दूरी की प्रक्रिया अपनाते हुए उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही उनको स्टेशन से बाहर ले जाने के लिए जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी स्टेशन पर रहें। इन श्रमिकों को घर ले जाने के लिए बसें तैयार की गई हैं, जहां से उन्हें गांवों में छोड़ा जायेगा। गांवों में उन्हें क्वारांटीन पर रखने की तैयारी भी कर ली गई है। इसके पूर्व स्टेशन में सारे इंतजाम कलेक्टर डाॅ संजय अलंग और कमिश्नर प्रभाकर पाण्डेय के निर्देशन में पूरी कर ली गई थी।

यह ट्रेन अहमदाबाद से गोधरा, रतलाम, बीना, कटनी, पेन्ड्रारोड से होते हुए बिलासपुर पहुंची। रास्ते में एक जगह ऑपरेशल स्टापेज दिया गया। कल शाम को ट्रेन में ही इनके लिए रात्रि भोजन की व्यवस्था कर दी गई थी। इस ट्रेन में 1208 श्रमिक पहुंचे हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। ट्रेन में सर्वाधिक मजदूर बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड से हैं। इन यात्रियों में मुंगेली जिले के 20, जांजगीर-चाम्पा जिले के 53 और दुर्ग जिले के 11 लोग भी शामिल हैं।
सभी अपने साथ बोरियों, सूटकेस और अटैचियों में अपना सारा सामान लेकर आये हैं। कल शाम यह ट्रेन वहां से छूटी थी और आज सुबह 10 बजे तक पहुंचना था लेकिन यह समय से करीब 15 मिनट पहले ही पहुंच गई। देश के विभिन्न स्थानों पर फंसे मजदूरों को छत्तीसगढ़ के लिए चलने वाली 15 ट्रेनों में से यह पहली ट्रेन थी।

स्टेशन पर मजदूरों को बारी-बारी, एक-एक डिब्बे छोड़कर उतारा गया। प्लेटफार्म पर उतरते ही यात्रियों को सैनेटाइज किया गया और उनको मास्क प्रदान किया गया। स्टेशन पर ही इनके लिए सुबह नाश्ते की व्यवस्था भी कर दी गई थी। ट्रेन से उतरने के बाद प्लेटफॉर्म पर इन श्रमिकों को कतारबद्ध बैठने के लिए मार्किंग कर दी गई है। इस काम को संभालने के लिए कलेक्टोरेट, जिला पंचायत,नगर निगम और जनपदों के कर्मचारी, अधिकारियों को लगाया गया है। द्वितीय श्रेणी यात्री प्रतीक्षालय के एक हिस्से को स्वास्थ्य जांच केन्द्र के रूप में परिवर्तित किया गया है, जहां पर प्रत्येक यात्री के स्वास्थ्य की जांच थर्मल स्कैनिंग के जरिये की जा रही है। ऐसे प्रत्येक व्यक्ति का सैम्पल लिया जा रहा है जिन्हें सर्दी, खांसी या बुखार की शिकायत है।

बिलासपुर जिले के यात्रियों के लिये कुछ 60 बसें तैनात की गई हैं। इसके अलावा कुछ यात्री बेमेतरा, मुंगेली तथा जांजगीर जिलों से भी हैं। इनके लिए उन जिलों से वाहन आये हैं। बिलासपुर की 60 बसों में से 48 को ही रवानगी के लिए तय किया गया है शेष 12 बसों की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। बसों को भी सैनेटाइज किया गया है और उनमें 20-22 यात्रियों को ही ले जाया गया, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग कायम रहे। बसों में पंचायत विभाग के कर्मचारी के साथ पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गयी है। प्रत्येक प्रक्रिया सावधानी पूर्वक पूरी कराई जा रही है, जिले में 1066 क्वारांटीन सेंटर बनाये गये हैं। ये सेंटर प्रायः गांव के बाहरी हिस्से में स्थित सामुदायिक भवन, छात्रावास, स्कूल या कॉलेज भवन हैं।

जिला कलेक्टर डॉ. संजय अलंग, जिला पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल,नगर निगम कमिश्नर प्रभाकर पाण्डेय ,जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ.प्रमोद महाजन के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी कर्मचारी व्यवस्था की देखरेख के लिए स्टेशन पर पूरे समय मौजूद रहें। पूरे स्टेशन एरिया के व्यावसायिक गतिविधियों पर सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से आज प्रतिबंधित किया गया है। स्टेशन तथा आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।

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