NPG Special-CM भूपेश के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार: पंजीयन में 19 प्रतिशत का इजाफा, GST, ऑटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में आयी तेजी…..22% GST बढ़ा…तो गाड़ियां भी खूब बिकी… CM बोले… संकटकाल में छत्तीसगढ़ ने दिखायी देश को राह

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रायपुर, 2 जुलाई 2020। कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते पूरे देश में जहां आर्थिक मंदी का माहौल है, वहीं अनलॉक के बाद छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पूरी रफ्तार से चल पड़ी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयासों से राज्य में जीएसटी, आटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तेेजी देखी जा सकती है। राज्य में जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष की तुलना में जहां 22 प्रतिशत अधिक बढ़ा है, वहीं वाहनों के रजिस्ट्रेशन में मई माह की तुलना में जून माह में साढ़े तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और वनवासियों को राहत पहुंचाने के लिए वनोपजों के संग्रहण में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर हैं।

लॉकडाउन के दौरान भी छत्तीसगढ़ में जीएसटी में इजाफा हुआ है। पिछले साल जून महीने के मुकाबले इस साल जून में 22 फीसदी ज्यादा जीएसटी का संग्रह हुआ है। वर्ष 2019 में जहां 2,093 करोड़ रूपए जीएसटी संग्रह हुआ था, वहीं 2020 में 2,549 जीएसटी प्राप्त हुआ है। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में ऑटोमोबाइल इंड्रस्ट्री में भी बेहतर कारोबार देखने को मिला है। जून 2020 में जयपुर (राजस्थान) के बाद रायपुर (छत्तीसगढ)़ में सर्वाधिक कार और बाइक की बिक्री हुई है। रायपुर में मई माह में जहां 7 हजार 603 बाइक बिकी थी, वहीं जून माह में यह संख्या बढ़कर 27 हजार हो गई। इसी तरह मई माह में एक हजार 107 कार बिकी थी, वहीं जून में यह संख्या बढ़कर 2 हजार 889 हो गई। आरटीओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह में 891 वाहन, मई माह में 9681 वाहन और जून माह में 32 हजार 982 वाहनों का रजिस्ट्रेशन परिवहन कार्यालयों में हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किस्त प्राप्त होने के बाद राज्य में किसानों ने 3 हजार नये ट्रैक्टर भी खरीदे हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में जॉब कॉर्डधारी परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में देश में शीर्ष स्थान पर है। इसी प्रकार लक्ष्य के विरूद्ध रोजगार सृजन में देश में दूसरे स्थान पर है। पहली तिमाही में ही राज्य में 8.85 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजन किया गया है। अब तक 55,981 परिवारों ने 100 दिनों का रोजगार प्राप्त कर लिया है। देश में 100 दिनों का रोजगार हासिल करने वाले कुल परिवारों में अकेले छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ ने रोजगार सृजन के मामले में सालभर के लक्ष्य का 66 प्रतिशत पूरा कर लिया है। इसमें लक्ष्य का 70 प्रतिशत से अधिक काम का लक्ष्य हासिल करने में नक्सल प्रभावित जिले आगे हैं।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य में समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 31 कर दी है। इससे प्रदेश के वनवासी परिवारों को काफी राहत मिली है। लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ प्रदेश लघु वनोपजों के संग्रहण में देश में पहले नम्बर पर है। छत्तीसगढ़ ने वनोपज संग्रहण के सालाना लक्ष्य को 6 माह में पूरा कर लिया है। राज्य में अब तक 104 करोड़ के डेढ़ लाख क्विंटल लघु वनोपजों का संग्रहण किया गया है।
वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है। सीएमआईई के सर्वेक्षण में प्रदेश में बेरोजगारी की दर अप्रैल माह में 3.4 प्रतिशत रही, जो 12 महीने के सबसे निचले स्तर पर थी। यह उसी अवधि में राष्ट्रीय बेरोजगारी की दर (23.5 प्रतिशत) से काफी कम रही। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में कृषि और उससे सम्बंधित कार्यों में बनी तेजी को सराहा। उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि देश व्यापी लॉकडाउन में भी छत्तीसगढ़ ने तेजी से आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि संकट के इस समय में भी छत्तीसगढ़ प्रदेश ने देश को राह दिखाई है। इस दौरान राज्य ने जो उपलब्धियां हासिल कीं वह शासन के संकल्प का परिणाम तो है ही, छत्तीसगढ़ के लोगों के अनुशासन का भी परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को नियंत्रित करने और उपचार की सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में भी हमारी स्थिति बेहतर है। इसी संकल्प और अनुशासन के साथ हम न सिर्फ इस संकट से पार पाएंगे, बल्कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के अपने लक्ष्य को समय पर हासिल भी कर लेंगे।

छत्तीसगढ़ में अनलॉक शुरु होने के बाद लगातार तेज हो रही आर्थिक गतिविधियों का असर दस्तावेजों की रजिस्ट्रियों में भी दिखने लगा है। पिछले साल के जून माह की तुलना में इस साल जून माह में 17 प्रतिशत अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई, वहीं दस्तावेजों के पंजीयन में भी 19 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
यह आंकड़े बताते हैं कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण काल के दौरान किए गए उपायों से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था गतिशील बनी रही। संकट काल में भी राज्य ने कृषि क्षेत्र में तेज आर्थिक वृद्धि दर्ज की, जिसकी सराहना रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने भी की थी। रोजगार के क्षेत्र में मनरेगा के जरिये गांवों में वृहद पैमाने पर रोजगार मूलक कार्यों का संचालन एवं नियमित भुगतान की वजह से आम लोगों के बीच धन-राशि का प्रवाह निरंतर बना रहा। इसी दौरान राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिये राज्य के किसानों को सीधे मदद पहुंचाई गई। प्रदेश सरकार ने कोरोना संकट के दौरान उद्योगों को भी संचालन में रियायतें दीं। खेती-किसानी पर आधारित व्यावसायिक गतिविधियां भी निरंतर जारी रहीं। जिसकी वजह से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही।
वर्ष 2019 के जून माह में 107.53 करोड़ रुपए का राजस्व दस्तावेजों के पंजीयन से प्राप्त हुआ था, जबकि इस वर्ष, यानी 2020 के जून माह में 125.74 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति शासन को हुई है। पिछले साल जून महीने में 23,391 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था, जबकि इस साल इस जून माह में 27,759 दस्तावेज पंजीबद्ध किए गए। कोरोना महामहारी की वजह से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के कारण लॉकडाउन के दौरान अन्य गतिविधियों के साथ-साथ दस्तावेजों के पंजीयन का कार्य भी प्रभावित हुआ था, इसके मद्देनजर पक्षकारों की सुविधा के लिए शासन द्वारा पंजीयन कार्यालयों में विशेष इंतजाम किए गए थे। जून महीने में प्रत्येक तीन घंटे में तीन अप्वाइंमेंट की व्यवस्था दस्तावेजों के पंजीयन के लिए लागू की गई, ताकि दस्तावेजों का पंजीयन तेजी से किया जा सके।

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