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टेट की अनिवार्यता: छत्तीसगढ़ टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की दिल्ली में बड़ी बैठक, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारी कर रहे दिल्ली कूच

CG Teacher News: प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा टेट की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठनों के बीच राष्ट्रव्यापी मंथन का दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में सात मार्च को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन हाल में छत्तीसगढ़ टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले बड़ी बैठक होने जा रही है।

टेट की अनिवार्यता: छत्तीसगढ़ टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की दिल्ली में बड़ी बैठक, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारी कर रहे दिल्ली कूच
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इमेज सोर्स- NPG News

By Radhakishan Sharma

रायपुर। 06 मार्च 2026| प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा टेट की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठनों के बीच राष्ट्रव्यापी मंथन का दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में सात मार्च को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन हाल में छत्तीसगढ़ टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले बड़ी बैठक होने जा रही है। बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, मनीष मिश्रा एवं संयुक्त संघ के केदार जैन को आमंत्रित किया गया है। शिक्षक संगठनों के तीनों पदाधिकारी आज दिल्ली कूच कर रहे हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के शिक्षक संगठनों द्वारा स्कूल शिक्षा सचिव व डीपीआई से मिलकर टेट परीक्षा को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं। इसी कड़ी में छ.ग. सहायक शिक्षक,समग शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने डीपीआई व स्कूल शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर टेट के आयोजन को लेकर जरुरी सुझाव देते हुए इन सुझावों पर अमल करने की मांग की है। पत्र में लिखा है, छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा का आयोजन समय-समय पर कराया जाता है। उक्त परीक्षा के कुछ तथ्यों पर संघ आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं:

पात्रता परीक्षा से प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं में नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता शिक्षा का अधिकार अधिनियम' आने के बाद लागू हुई है। इस कारण, 23 अगस्त 2010 के पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखा जाए। इस आशय का राजपत्र भी भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है।

अहर्ता अंकों में छूट देने की मांग

छ.ग. शिक्षक पात्रता परीक्षा में वर्तमान में आरक्षित वर्गों के लिए 50% एवं अनारक्षित वर्ग के लिए 60% न्यूनतम अहर्ता अंक निर्धारित हैं। छ.ग. शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 का प्रश्न पत्र अत्यंत विस्तृत व जटिल था, जिसके कारण निर्धारित समय में उक्त अंक प्राप्त करना कठिन है। अहर्ता प्रतिशत में कमी करते हुए अनुसूचित जाति/जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लिए 33% व अनारक्षित वर्ग के लिए 40% अंक निर्धारित किए जाएं। NCTE के दिशा-निर्देशानुसार राज्य सरकार विशेष परिस्थितियों में इसमें छूट दे सकती है (जैसे तेलंगाना व बिहार राज्य में किया गया है)।

अनुभव हेतु बोनस अंक

परीक्षा में 1998 से 2011 के बीच नियुक्त शिक्षक भी शामिल हुए हैं, जिन्हें अध्यापन का 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इस आधार पर अनुभवी शिक्षकों को न्यूनतम 15 अंक बोनस के रूप में दिए जाए।

विभागीय परीक्षा का आयोजन

रविन्द्र कुमार राठौर प्रदेश अध्यक्ष छ.ग. सहायक शिक्षक/समग शिक्षक फेडरेशन ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में भी कार्यरत शिक्षकों के लिए पृथक से 'विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाए, जैसा कि तमिलनाडु राज्य में प्रचलित है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोएिशन ने कुछ इस तरह दिया है सुझाव

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि इस संबंध में बीते दिनों संचालक डीपीआई एवं अधिकारियों से शिक्षकों के सेवा सुरक्षा की दृष्टि से तथ्यात्मक पक्ष रखा गया है।

  • कार्यरत शिक्षकों के लिए पृथक“विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा”आयोजित की जाए।
  • परीक्षा का पाठ्यक्रम व्यावहारिक एवं सेवा-अनुभव आधारित हो, जिससे शिक्षक सहज रूप से उत्तीर्ण हो सकें।
  • परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक युक्तिसंगत रखा जाए, ताकि योग्य एवं अनुभवी शिक्षक अनावश्यक रूप से अपात्र न हों।
  • परीक्षा में आयु सीमा से छूट एवं सेवा अनुभव को वेटेज प्रदान किया जाए।
  • इस परीक्षा को पदोन्नति एवं सेवा नियमितीकरण से जोड़ा जाए, जिससे शिक्षकों को सेवा सुरक्षा का लाभ मिल सके।
  • परीक्षा प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं विभागीय स्तर पर ही संचालित की जाए।
  • परीक्षा प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक दोनो स्तर हेतु आयोजित किया जाए।
  • शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजन हेतु छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने ये प्रावधान निर्धारित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।
  • पेपर -l एवं पेपर -II आयोजित किए जाएं।
  • प्रश्न राज्य के कक्षा I–V तथा कक्षा VI–VIII के पाठ्यक्रम एवं सामान्य शैक्षणिक समझ एवं अवधारणाओं पर आधारित हों।
  • कक्षा l - V परीक्षा तथा कक्षा Vl - Vlll परीक्षा में कम से कम 15 दिन का अंतर रखा जावे।
  • शिक्षक पात्रता परीक्षा ऑफलाइन (OMR आधारित) आयोजित हों।
  • कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न हों।
  • परीक्षा अवधि 3 घंटे निर्धारित हों।
  • चूंकि सेवाकालीन शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित होगी, अतः न्यूनतम उत्तीर्णांक 33/100 निर्धारित हों।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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