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SECR News: यात्रियों के लिए अच्छी खबर: बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस में मिलेगी एलएचबी कोच की सुविधा

SECR News: रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस में मिलेगी एलएचबी कोच की सुविधा दी जा रही है।

SECR News: यात्रियों के लिए अच्छी खबर: बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस में मिलेगी एलएचबी कोच की सुविधा
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By Radhakishan Sharma

SECR News: बिलासपुर। रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस में मिलेगी एलएचबी कोच की सुविधा दी जा रही है। इससे रेल यात्रियों को बेहतर आरामदायक एवं संरक्षित यात्रा सुविधा मिलेगी। यात्री सुविधा विस्तार की दिशा में एसईसीआर का यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों को आरामदायक एवं सुरक्षित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतरीन प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने, गुजरने वाली सभी गाड़ियों में योजनाबद्ध तरीके से पुराने पारंपरिक कोचों के बदले सुविधाजनक, आरामदायक और ज्यादा सुरक्षित नई तकनीक वाले एलएचबी कोच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है |

इसी क्रम में गाड़ी संख्या 18234/18233 बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस में बिलासपुर से 30 मार्च 2026 से तथा इंदौर से 31 मार्च 2026 से एलएचबी कोचों के साथ संचालित किया जायेगा। इससे यात्रियों को बेहतर आरामदायक एवं सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगी|

एलएचबी कोचों के समावेश से यात्रियों को जहां यात्रा के दौरान बेहतर सुरक्षा एवं आराम का अनुभव होगा, वहीं अतिरिक्त सीटों की संख्या में भी इजाफा होगा। इस प्रकार अब इस गाड़ी में अधिकाधिक संख्या में यात्रियों को कंफर्म बर्थ के साथ बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।


जानें एलएचबी कोच के बारे में

  • कोच में 'एंटी-टेलीस्कोपिक' डिजाइन होता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते। इनमें एडवांस डिस्क ब्रेक सिस्टम होता है, जो तेज गति में भी बेहतर ब्रेकिंग देता है। बेहतर सस्पेंशन सिस्टम (हाइड्रोलिक) होने के कारण झटके कम महसूस होते हैं और यात्रा आरामदायक होती है।
  • कोच के अंदर बायो-टॉयलेट, बेहतर वेंटिलेशन, मॉड्यूलर लाइटिंग, और आपातकालीन खिड़कियां होती हैं।
  • ये 160 किमी/घंटा तक की गति से दौड़ सकते हैं, जबकि सामान्य कोच 110-130 किमी/घंटा तक सीमित होते हैं।
  • इन कोचों में पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में बैठने/सोने की जगह (बर्थ की संख्या) ज्यादा होती है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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