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सावधान: पीएम मातृ वंदना योजना के नाम पर भी इस तरह हो रही साइबर धोखाधड़ी, मांग रहे OTP

CG News: साइबर अपराधियों ने अब प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नाम पर भी धोखाधड़ी शुरू कर दी है। इसका लाभ उठाने के लिए हितग्राहियों को ओटीपी भेजा जा रहा है और ओटीपी मिलते ही हितग्राहियों के खाते खाली कर रहे हैं। राज्य शासन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सतर्क रह कर काम करने की सलाह दी है।

सावधान: पीएम मातृ वंदना योजना के नाम पर भी इस तरह हो रही साइबर धोखाधड़ी, मांग रहे OTP
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Anjali Vaishnav

बलरामपुर। 18 मार्च 2026|राज्यभर में साइबर अपराधियों ने सरकारी योजनाओं के नाम पर जाल बिछाना शुरू कर दिया है। नागरिक सरकारी योजना का किसी भी तरह लाभ उठाना चाहते हैं और इसी का फायदा उठा कर साइबर ठग फोन कॉल कर रहे हैं। इस फोन कॉल में भेजा गया ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड मांगा जाता है। जबकि योजना का लाभ उठाने के लिए ओटीपी का प्रावधान ही नहीं है।

बलरामपुर जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जुड़ी हितग्राहियों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ओटीपी फ्रॉड और बैंक खातों से अवैध निकासी की घटनाओं को देखते हुए सभी लाभार्थियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की अपील की गई है।

महिला बाल विकास विभाग अधिकारी ने बताया है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से अंतरित की जाती है। इसके लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी मांगता है, तो यह साइबर धोखाधड़ी का प्रयास हो सकता है।

उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र की सभी हितग्राहियों को इन सुरक्षा उपायों की जानकारी अनिवार्य रूप से दें। साथ ही ग्राम स्तर पर बैठक आयोजित कर साइबर जागरूकता फैलाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को दें।

क्या करें, क्या ना करें

हितग्राहियों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी केवल अधिकृत बैंक कर्मियों के साथ ही साझा करें। मोबाइल नंबर को बैंक खाते एवं आधार से लिंक रखना सुनिश्चित करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की जानकारी तुरंत बैंक या पुलिस को दें। बैंक से प्राप्त एसएमएस अलर्ट को नियमित रूप से जांचते रहें तथा एटीएम डेबिट कार्ड का पिन पूरी तरह गोपनीय रखें। हितग्राही किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, बैंक विवरण, पिन या पासवर्ड साझा न करें। अनजान कॉल, व्हाट्सएप लिंक या फर्जी सरकारी अधिकारियों के झांसे में न आएं। योजना में नाम जोड़ने या पैसा दिलाने के नाम पर किसी को पैसे न दें। किसी भी संदिग्ध ऐप या लिंक को डाउनलोड करने से बचें और सार्वजनिक स्थानों पर बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

शिकायत करें

किसी भी प्रकार की सहायता या शिकायत के लिए हितग्राही नजदीकी बैंक शाखा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, पुलिस थाना या साइबर सेल से संपर्क कर सकते हैं।

Anjali Vaishnav

अंजली वैष्णव मैंने छत्तीसगढ़ के कल्याण कॉलेज भिलाई से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म करने के बाद रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में M.sc Electronic Media की पढ़ाई की. इस दौरान मैने 2021 से TCP News, फिर TV 24 MPCG में बतौर कंटेट राइटर और बुलेटिन प्रोड्यूसर का कार्य किया, वर्तमान में मैं NPG.NEWS में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं, कंटेंट राइटिंग के साथ मुझे रिपोर्टिंग करना पसंद है.

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