बड़ी खबर: कलेक्टर को हाईकोर्ट का नोटिस, किसान का बकाया धान एक महीने में खरीदने का आदेश
Bilaspur High Court: किसान का पूरा धान नहीं लेने के खिलाफ पेश याचिका में कलेक्टर सक्ती, हसौद मंडी सहित अन्य को याचिकाकर्ता किसान का बकाया 84 क्विंटल धान 30 दिवस के अंदर लेने का आदेश दिया है।

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बिलासपुर। 18 मार्च 2026|जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी ने स्टाक जांच में धान नहीं होने की बात कहते हुए किसान का पूरा धान नहीं लेने के खिलाफ पेश याचिका में कलेक्टर सक्ती अमृत विकास टोपनो , हसौद मंडी सहित अन्य को याचिकाकर्ता किसान का बकाया 84 क्विंटल धान 30 दिवस के अंदर लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसके साथ याचिका को निराकृत किया है।
याचिकाकर्ता लक्ष्मण कुमार चंद्रा पिता मोतीलाल चंदा निवासी ग्राम हसौद, तहसील- हसौद जिला सक्ती ने अधिया के आधार पर खेती की थी। कटाई के बाद शेष 84 क्विंटल धान बटाईदार के घर भंडार में रखा गया था। भंडार के भौतिक सत्यापन की तारीख 20 जनवरी को 84 क्विंटल धान याचिकाकर्ता के सीधे कब्जे में नहीं पाया गया। इसके कारण धान खरीदी से समिति प्रबंधक ने इंकार कर दिया। इसके खिलाफ अधिवक्ता योगेश कुमार चंद्रा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका पेश की गई।
धान की कटाई कानूनी तरीके से हुई
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता एक किसान है और गांव हसौद, तहसील हसौद, जिला सक्ती का रहने वाला है। खरीफ साल 2025-26 के लिए उसकी 3.7800 हेक्टेयर खेती की ज़मीन किसान पोर्टल पर किसान के तहत रजिस्टर्ड थी। 196 क्विंटल धान की खरीद के लिए सहकारी समिति हसौद ने याचिकाकर्ता को 196 क्विंटल का टोकन भी जारी किया था। किसान ने 111.20 क्विंटल धान बेचा है लेकिन शेष 84 क्विंटल धान नहीं खरीदा गया। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कहा कि यह साफ है कि धान की कटाई कानूनी तरीके से हुई थी। कोर्ट ने कलेक्टर सक्ती, सहकारी समिति सहित अन्य को याचिकाकर्ता की बाकी 84 क्विंटल धान बेचने और उठाने की इजाज़त देने का निर्देश दिया है।
