Road Safety Month 2026 : रायपुर की सड़कों पर उतरा 'PK': हेलमेट न पहनने वालों से पूछा- ई कौन गोला के नियम है? सड़क सुरक्षा माह में पुलिस का एंटरटेनमेंट वाला जागरूकता डोज़

Road Safety Month 2026 : रायपुर की सड़कों पर उतरा 'PK': हेलमेट न पहनने वालों से पूछा- 'ई कौन गोला के नियम है? सड़क सुरक्षा माह में पुलिस का एंटरटेनमेंट वाला जागरूकता डोज़
Raipur Traffic Police PK Awareness Campaign : रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सड़कों पर इन दिनों एक अजीब नजारा देखने को मिल रहा है। पीले हेलमेट और हाथ में रेडियो लिए फिल्म पीके का नायक जब सड़क पर उतरकर लोगों को टोकता है, तो हर कोई ठिठक जाता है। रायपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत यातायात जागरूकता के लिए इस बार रचनात्मकता का सहारा लिया है। यह पहल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को रोकने की एक गंभीर कोशिश है।
Raipur Traffic Police PK Awareness Campaign : मनोरंजन के जरिए जीवन की सुरक्षा: SSP की अनूठी पहल रायपुर के SSP डॉ. लाल उमेद सिंह के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है। 'मोर पिरोहिल नाट्य संस्था' के कलाकारों ने जब शास्त्री चौक पर आमिर खान के 'पीके' अवतार में एंट्री की, तो ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े लोग अपनी मुस्कान नहीं रोक पाए। कलाकार ने मजाकिया लहजे में उन लोगों को आइना दिखाया जो हेलमेट को बोझ समझते हैं या सीट बेल्ट लगाने में कोताही बरतते हैं।
क्या नियमों से ज्यादा जरूरी है दिखावा?
इस अभियान का एक गहरा मानवीय पहलू (Human Rights Perspective) भी है। सड़क सुरक्षा केवल चालान काटने का विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन के अधिकार से जुड़ा मुद्दा है। आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का मुख्य कारण हेलमेट न पहनना या तेज रफ्तार होता है। रायपुर पुलिस ने 'पीके' के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि सड़क पर सुरक्षा का अधिकार हर नागरिक का है, लेकिन यह तभी संभव है जब हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे।
शास्त्री चौक से शुरू हुआ कारवां, अब पूरे शहर में गूंजेगी आवाज
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है। आने वाले पूरे महीने शहर के अलग-अलग प्रमुख चौराहों जैसे कि तेलीबांधा (मरीन ड्राइव), जयस्तंभ चौक और टाटीबंध पर यह पीके अवतार नजर आएगा। पीके बने कलाकार लोगों से पूछते हैं— ई कौन गोला के नियम है कि अपनी जान की फिकर ही नहीं? उनके इस अनोखे संवाद ने युवाओं और बुजुर्गों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
सीट बेल्ट और हेलमेट : महज नियम नहीं, जीवन रक्षक कवच
अभियान के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट और दोपहिया पर हेलमेट लगाना किसी पर अहसान नहीं है, बल्कि यह स्वयं के जीवन की रक्षा है। पुलिस का कहना है कि जब लोग मनोरंजन के माध्यम से कुछ सीखते हैं, तो वह उनके दिमाग पर गहरा असर डालता है। 'पीके' का यह अभियान उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो पुलिस को देखकर हेलमेट पहनते हैं, न कि अपनी सुरक्षा के लिए।
जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव
रायपुर पुलिस की यह हाई-प्रोफाइल जागरूकता मुहिम सोशल मीडिया पर भी काफी सुर्खियां बटोर रही है। प्रशासन की इस कोशिश की सराहना मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी की है, क्योंकि यह दंड के बजाय सुधार पर आधारित है। सड़क सुरक्षा माह 2026 का यह आगाज़ बता रहा है कि यदि नागरिक ठान लें, तो रायपुर की सड़कों को दुर्घटना मुक्त बनाया जा सकता है।
