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रसोई गैस पर सरकार का यूटर्न, नई समयसीमा से किया इनकार, कहा-25 दिन और 45 दिन ही

देशभर में दो दिनों से रसोई गैस बुकिंग की नई समय-सीमा की खबरें मीडिया में चल रही हैं। अब जाकर केंद्र सरकार ने यूटर्न लेते हुए स्पष्ट किया है कि बुकिंग की समयसीमा में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

रसोई गैस पर सरकार का यूटर्न, नई समयसीमा से किया इनकार, कहा-25 दिन और 45 दिन ही
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Anjali Vaishnav

रायपुर।25 मार्च 2026| केंद्र सरकार ने एकाएक रसोई गैस बुकिंग पर अपना स्पष्ट बयान दिया है। मीडिया में कल से खबरें चल रही थीं कि गैस कंपनियों ने रसोई बुकिंग की नई गाइड लाइन जारी कर दी है। इसकी खबरें तमाम अखबारों में अफसरों और गैस एजेंसी संचालकों के हवाले से छप गई हैं। इस पर देशभर में प्रतिक्रिया आने लगी है, तब बुधवार को केंद्र सरकार ने अपना रुख साफ किया है। केंद्र सरकार ने आज आधिकारिक रूप से बयान जारी कर कहा है कि बुकिंग की अवधि या श्रेणी में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

मीडिया में आ रही खबरों को मानें तो नई गाइड लाइन में रसोई गैस बुकिंग की अवधि श्रेणी के हिसाब से तय की गई थी। इसमें उज्जवला गैस योजना के तहत सिलेंडर की अगली बुकिंग 45 दिनों बाद होगी। इसी तरह सिंगल गैस सिलेंडर होने की हालत में 25 दिनों और डबल गैस सिलेंडर होने पर 35 दिनों बाद ही गैस की अगली बुकिेंग हो सकेगी। केंद्र सरकार ने आज दोपहर जारी बयान में इन खबरों को खारिज कर दिया है। इसमें कहा गया है कि रसोई गैस रिफिल बुकिंग की अवधि में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। गाइड लाइन यथावत है, मतलब शहरी श्रेणी के उपभोक्ताओं को 25 दिनों में और ग्रामीण इलाकों में 45 दिनों में अगली गैस सिलेंडर बुकिंग हो सकेगी। स्पष्टीकरण में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि एलपीजी रिफिल अनावश्यक और घबराहट में बुकिंग से बचें। यह कहा गया है कि देशभर में एलजीपी का पर्याप्त गैस भंडार मौजूद है और चिंता का कोई कारण नहीं है।

शहरी इलाके के ग्रामीण श्रेणी में दर्ज उपभोक्ताओं की परेशानी यथावत

केंद्र सरकार के स्पष्टीकरण से उन उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है, जो रहते तो शहर में हैं, मगर गैस कंपनियों की सूची में ग्रामीण के रूप में दर्ज हैं। इन्हें शहर में रहने पर भी 25 दिनों की जगह 45 दिनों में अगला गैस सिलेंडर बुक करने का मौका मिलेगा। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित कई बड़े शहरों में यह समस्या बनी हुई है। जिन ग्रामीण इलाकों को नगर निगम सीमा में शामिल कर प्रशासनिक तौर पर शहरी आबादी मान लिया गया है, उन्हें गैस कंपनियां अब भी ग्रामीण की सूची में रखी हुई हैं। इसके कारण उपभोक्ताओं का गैस एजेंसी संचालकों से आए दिन विवाद हो रहा है।

Anjali Vaishnav

अंजली वैष्णव मैंने छत्तीसगढ़ के कल्याण कॉलेज भिलाई से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म करने के बाद रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में M.sc Electronic Media की पढ़ाई की. इस दौरान मैने 2021 से TCP News, फिर TV 24 MPCG में बतौर कंटेट राइटर और बुलेटिन प्रोड्यूसर का कार्य किया, वर्तमान में मैं NPG.NEWS में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं, कंटेंट राइटिंग के साथ मुझे रिपोर्टिंग करना पसंद है.

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