CG: 4 साल में 285 कैदियों की मौत, CS और जेल DG को मानवाधिकार आयोग का नोटिस, खल्लारी रोपवे हादसे का भी लिया संज्ञान
छत्तीसगढ़ में चार सालों के भीतर जेलों या जेल के बाहर अस्पतालों में 285 कैदियों की मौतों को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और जेल महानिदेशक को नोटिस देकर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। इसी तरह महासमुंद के खल्लारी में रोपवे हादसे में स्वत: संज्ञान लेते हुए मानव अधिकार आयोग ने मुख्य सचिव और महासमुंद के एसपी को नोटिस थमा दिया है।

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
रायपुर 26 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ की जेलों क्षमता से अधिक कैदियों के होने और मौतों का मामला अक्सर सामने आता रहता है। चार सालों में जेलों में कैदियों की मौतों की सूचना को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य शासन ने जवाब तलब किया है। मीडिया में आ रही रिपोर्ट के अनुसार चार साल में 285 कैदियों ने जेलों में दम तोड़ दिया है। इनमें से सबसे अधिक मौतें 2022 में हुई हैं, जबकि जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 66 मौतों की सूचना दी गई है। यह मामला विधानसभा में भी उठा था और इसका कारण आत्महत्या या लंबी बीमारी को बताया गया था। आयोग ने राज्य शासन से पूछा है कि क्या सामने आ रही जानकारी सही है?
यह भी कहा जा रहा है कि जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रखे गए हैं, जिससे संक्रमण का फैलाव हो रहा है। साथ ही मानसिक तनाव बढ़ रहा है, जबकि जेलों में मनोचिकित्सकों की भारी कमी है। इसी तरह जेलों में पर्याप्त डॉक्टर भी नहीं हैं। आयोग ने इसे मानव अधिकारका उल्लंघन मान कर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और जेल महानिदेशक को नोटिस देकर दो सप्ताह के भीतर विस्तार से रिपोर्ट देने को कहा है। जेलों की समस्याओं का क्या समाधान किया जा रहा है, यह भी पूछा गया है।
खल्लारी मंदिर में रोपवे टूटने से मौतों की मांगी रिपोर्ट-
बीते 22 मार्च को महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में रोपवे टूटने का हादसा हो गया था। इसमें अब तक दो मौतें हो चुकी हैं, जबकि 15 श्रद्धालु घायल हैं। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने रोपवे टूटने की घटना को गंभीरता से लिया है। रोपवे का तार अचानक टूट गया था। इसे भी आयोग ने मानव अधिकार का उल्लंघन माना है। इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और महासमुंद के पुलिस अधीक्षक को नोटिस देकर दो सप्ताह के भीतर विस्तार से जवाब देने को कहा है। साथ ही घायलों के स्वास्थ्य और मृतकों के परिजनों को की गई मदद की भी जानकारी मांगी गई है। ज्ञात हो कि कुछ घायलों का बागबाहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, वहीं आठ गंभीर रूप से घायलों को इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है।
