Begin typing your search above and press return to search.

Raipur Town Hall: सिर्फ 5000 में प्राइम लोकेशन पर सर्वसुविधायुक्त हॉल, कलेक्टर गौरव सिंह ने 136 साल पुराने जर्जर टाउन हॉल का कायाकल्प कर बदल दी सूरत

Raipur Town Hall: रायपुर के हृदयस्थल शास्त्री चौक के पास स्थित टाउन हॉल का नक्शा ऐसा बदल गया है कि आप यकबयक इसे पहचान नहीं पाएंगे। अंग्रेजों के जमाने का बना यह ऐतिहासिक टाउन हाल रखरखाव के अभाव में जर्जर हो गया था। मगर अब अपना चमक बिखेर रहा है।

Raipur Town Hall: सिर्फ 5000 में प्राइम लोकेशन पर सर्वसुविधायुक्त हॉल, कलेक्टर गौरव सिंह ने 136 साल पुराने जर्जर टाउन हॉल का कायाकल्प कर बदल दी सूरत
X

इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Anjali Vaishnav

09 फरवरी 2026 : रायपुर। जाहिर है, रायपुर कलेक्ट्रेट के एक हिस्से में टाउन हॉल बना है। बताते हैं, एक दिन कलेक्टर गौरव सिंह कैंपस का मुआयना करने निकले तो उनकी नजर जर्जर हो चुकी एक हॉलनुमा इमारत पर पड़ी। उन्होंने अफसरों से इसके बारे में पूछा। इमारत का ऐतिहासिक जुड़ाव सुनकर वे चौंक गए...इतने प्राइम लोकेशन पर, ऐसे धरोहर के साथ ऐसी बेरुखी क्यों? उनके साथ नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप भी थे। गौरव ने विश्वदीप से कहा कि रायपुर के इस धरोहर को संरक्षित करने का प्लान बनाया जाए।

कलेक्टर गौरव सिंह ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने पहले से ही प्रोजेक्ट धरोहर चला रहे थे। उन्होंने इसी योजना से इसका कायाकल्प करने का निर्देश दिया। और इसका नतीजा यह हुआ कि खंडहर जैसा हो चुका टाउन हॉल अब चमचमाता, सर्वसुविधायुक्त बन गया।

टाउन हॉल का ऐतिहासिक महत्व

टाउन हॉल का निर्माण वर्ष 1889 में रायपुर किले से लाए गए पत्थरों से किया गया था। प्रारंभ में यह विक्टोरिया हॉल अथवा जुबली हॉल के नाम से जाना जाता था। रानी विक्टोरिया की सिल्वर जुबली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के तत्कालीन राजाओं द्वारा चंदा एकत्र कर इसका निर्माण कराया गया था। कालांतर में यह भवन अंग्रेजी शासन के खिलाफ गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया। शहर के मध्य स्थित होने के कारण स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बैठकों और आयोजनों का साक्षी यह हॉल रहा है। पंडित रविशंकर शुक्ल, वामन राव लाखे सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने यहीं बैठकर देश की आज़ादी के लिए रणनीतियाँ तैयार कीं। वर्ष 1907 में पंडित रविशंकर शुक्ल के नेतृत्व में आयोजित बैठक में ‘वंदे मातरम’ गीत को लेकर चर्चा हुई, और सहमति बनने के बाद इसी टाउन हॉल में पहली बार वंदे मातरम की गूंज सुनाई दी।

आधुनिक साज-सज्जा, साउंड सिस्टम

यहाँ आधुनिक स्टेज, उन्नत साउंड सिस्टम, प्रभावी लाइटिंग और बेहतर बैठने की व्यवस्था विकसित की गई। साथ ही, भवन की दीवारों पर छत्तीसगढ़ के महापुरुषों की लगाई गई तस्वीरें टाउन हॉल की भव्यता को और बढ़ा रहा है।

पहले रायपुर का ऐतिहासिक टाउन हॉल बमुश्किल साल में एक बार खोला जाता था लेकिन अब विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की नियमित मेजबानी कर रहा है। ग़ज़ल संध्या, नाट्य प्रस्तुतियाँ, साहित्यिक गोष्ठियाँ और लोक-सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। इस पहल से न केवल सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी अपनी कला और रचनात्मकता को मंच देने का सशक्त माध्यम तैयार हुआ है। इस हॉल का शुल्क भी मामूली रखा गया है। मात्र पांच हजार। शास्त्री चौक जैसे लोकेशन पर पांच हजार रुपए में हॉल सुलभ होना नामुमकिन जैसा है। मगर रायपुर जिले के कलेक्टर की संवेदनशीलता से यह संभव हो पाया।

मूल संरचना में कोई बदलाव नहीं

टाउन हॉल के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य में कलेक्टर गौरव सिंह ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि भवन की मूल संरचना और पहचान अक्षुण्ण बनी रहे। वर्षों से पुरानी इमारत में पानी की सीपेज की समस्या को देखते हुए टॉप और दीवारों पर वाटरप्रूफिंग की गई, वहीं दीवारों पर टेक्सचर पेंट कर उन्हें नया रूप दिया गया।

इंटीरियर पेटिंग

भवन के अंदर मुख्य हॉल में इंटीरियर पेंटिंग की गई है। फॉल सीलिंग की मरम्मत कर उसे पुनः पेंट किया गया। साथ ही कार्यक्रमों के लिए शानदार और संतुलित लाइटिंग की व्यवस्था की गई, जिससे मंच और दर्शक दीर्घा दोनों में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध हो सके। पूर्व में लगे कोटा स्टोन फर्श को पॉलिश कर नया और आकर्षक लुक दिया गया है।

आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप टाउन हॉल में नया स्टेज, उन्नत साउंड सिस्टम, स्क्रीन और बेहतर प्रकाश व्यवस्था विकसित की गई है। क्षतिग्रस्त हो चुकी ग्रिलों को कहीं नया लगाकर और कहीं मरम्मत कर रंग-रोगन किया गया। इसके अतिरिक्त परिसर में स्थित ऐतिहासिक स्टीम ट्रेन का भी सौंदर्यीकरण कर रंग-रोगन किया गया है।

Anjali Vaishnav

अंजली वैष्णव मैंने छत्तीसगढ़ के कल्याण कॉलेज भिलाई से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म करने के बाद रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में M.sc Electronic Media की पढ़ाई की. इस दौरान मैने 2021 से TCP News, फिर TV 24 MPCG में बतौर कंटेट राइटर और बुलेटिन प्रोड्यूसर का कार्य किया, वर्तमान में मैं NPG.NEWS में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं, कंटेंट राइटिंग के साथ मुझे रिपोर्टिंग करना पसंद है.

Read MoreRead Less

Next Story