होली त्योहार: CG के इस गांव में अनोखी परंपरा, त्योहार मंगलवार या शनिवार को, तभी उड़ेगा गुलाल, नहीं तो.....

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रायगढ़। 2 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ में एक गांव ऐसा है जहां होली का त्योहार तिथि के अनुसार नहीं दिन के हिसाब मनाते हैं। बीते 100 साल से यह परंपरा चली आ रही है।
होली का त्योहार मंगलवार या फिर शनिवार को पड़ा, तब इस गांव की होली की बात ही निराली होती है। इन दो से तीसरे दिन त्योहार हुआ, तो यहां के ग्रामीणों के लिए होली नहीं। यह गांव है साल्हेओना।
छत्तीसगढ़ रायगढ़ जिले से तकरीबन 45 किलोमीटर दूर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक में साल्हेओना गांव है। यह गाँव और यहां रहने वाले ग्रामीण खास होली परंपरा के लिए जाने और पहचाने जाते हैं। यहां होली तिथि के अनुसार नहीं, दिन के आधार पर मनाई जाती है।
वो दो दिन, जब मनाते हैं होली
त्योहार शनिवार या मंगलवार को पड़ा, तभी ग्रामीण होली मनाते हैं। तब एक रात पहले विधि-विधान से पूजा कर होलिका दहन करते है। अगले दिन सुबह गांव में पूजा शुरू होती है। पूजा, हवन, पूर्णाहुति के बाद लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाना शुरू करते हैं। रंग खेलने का सिलसिला दोपहर से शाम तक चलता है।
100 साल से चली आ रही परंपरा
गांव के बुजुर्गों का कहना है, पहले होली के समय गांव में अचानक आग लग जाती थी। आग एक घर से दूसरे घर तक फैल जाती थी। कई बार आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता था। यह समस्या आज की नहीं, बहुत पुराने समय से चली आ रही थी। इसे देखते हुए गांव में मान्यता बनी, होली केवल मंगलवार या शनिवार को ही मनाई जाए। पहले विधि-विधान से पूजा-पाठ किया जाता है, उसके बाद ही होली का त्योहार मनाया जाता है।

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।
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