पेंडरवा हत्याकांड: मुराद बेगम के लिए सुबह आई ही नहीं, महिलाएं शिकायत लेकर थाने गई थी, पुलिस ने सुबह आने की बात कहकर टाला, रतनपुर पुलिस की अनदेखी को लेकर उठे सवाल

इमेज- इंटरनेट
बिलासपुर। आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के घर घुसकर घर में अपने कामकाज में व्यस्त महिलाओं पर तलवार से घातक हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला की जान चली गई। हत्यारों ने तलवार से हमला कर उसकी जान ले ली। घर की सात सदस्य बुरी तरह जख्मी है और अस्पताल में इन सभी का इलाज चल रहा है। जानलेवा हमला, हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों और पीड़ित परिवार के बीच एक ही एंगल है जिस पर बार-बार सवाल उठ रहे हैं, और वह है,रतनपुर पुलिस थाने के आला अधिकारी व महकमा। पुलिस इस बात से भी इंकार नहीं कर सकती,उनको घटना की जानकारी नहीं थी या फिर इतनी बड़ी वारदात का अंदेशा नहीीं था।
रतनपुर की पुलिस को सब-कुछ पता था। पीड़ित पक्ष की महिलाएं पेंडरवा से रतनपुर थाने आई थी, आरोपी की धमकियों से डरी सहमी महिलाओं ने पुलिस के सामने गुहार लगाई थी, सुरेश श्रीवास को समझाए, महिलाओं का कहना था, सुरेश लगातार और बार-बार मारपीट की धमका देता है। पुलिस ने क्या किया, महिलाओं की बात सुनी और दूसरे दिन आने की बात कहते हुए चलता कर दिया। डरी सहमी महिलाएं जिस भरोसे के साथ थाने पहुंची थी, उनका भरोसा टूटा और बेहद निराश और भयभीत महिलाएं उलटे पांव गांव लौट गई। गांव लौटे भी कुछ ही घंटे हुआ होगा, विपदा कहर बनकर उनके ही घर पर टूट पड़ी। तब किसी ने भी यह सोचा भी नहीं था, आपत्ति इस कदर आएगी देखते ही देखते मंजर और भी भयावह हो जाएगा। हुआ भी ऐसा ही। सुरेश श्रीवास अपने बेटों के साथ हथियारों से लैस होकर आया और शेख शब्बीर के घर में कहर बनकर टूट पड़ा। हत्यारों के सिर पर ऐसा जुनून, उनके सामने जो आया उसी पर जानलेवा हमला करते चले जाए। इस हमले में एक महिला की मौत हो गई।
हत्या की वजह, अवैध संबंध की आशंका
हत्या और जानलेवा हमला के पीछे सबसे बड़ी वजह अवैध संबंध की आशंका है। सुरेश श्रीवास ने इसी वजह से अपनी पत्नी से सामाजिक बैठक में तीन साल पहले तलाक ले लिया था। पत्नी से संबंध खत्म करने के बाद भी सुरेश शेख सलीम से रंजिश रखता था, पति पत्नी के बीच संबंध खत्म कराने में वह उसकी सबसे बड़ी भूमिका मानता था और उसे शंक था, शेख सलीम और उसकी तलाकशुदा पत्नी के बीच संबंध है। इस बात का लेकर वह लगातार रंजिश रख रहा था और कई मर्तबे वह शेख सलीम से विवाद भी कर चुका था।
कांग्रेस नेता अंकित गौराहा ने पूछा, किसकी जिम्मेदारी थी सुरक्षा
कांग्रेस नेता अंकित गौरहा सिम्स अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, घटना प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है। यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई की जाती, तो शायद एक महिला की जान नहीं जाती और इतने लोग घायल नहीं होते।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक पहलू यह सामने आया है, पीड़ित परिवार एक दिन पूर्व ही अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचा था। बताया जा रहा है, उस समय थाना प्रभारी वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त थे और वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था, जो शिकायत पर तत्काल कार्रवाई कर सके। यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते, तो संभवतः इस घटना को टाला जा सकता था।
घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब तक किसी भी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है।

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।
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