CG स्पंज आयरन प्लांट में भीषण हादसा: फर्नेश में मजदूरों पर गिरा खौलता लोहा, चार मजदूरों की...
CG News: छत्तीसगढ़ बिलासपुर के नोवा स्पंज आयरन प्लांट में भीषण हादसा हुआ है। फर्नेश में मजदूरों पर खौलता लोहा गिरने से चार मजदूर झुलस गए। इनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

बिलासपुर 11 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नोवा स्पंज आयरन प्लांट के फर्नेस सेक्शन में काम के दौरान अचानक पिघला हुआ लोहा (मोल्टन मेटल) मजदूरों पर गिर गया। जिससे 4 मजदूर बुरी तरह झुलस गए। उन्हें इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना बिल्हा थाना क्षेत्र की है।
प्लांट में सोमवार देर रात मजदूर काम कर रहे थे। शिफ्ट चेंज होने के बाद रात तकरीबन 1 बजे बिल्हा के ग्राम भैंसबोड़ निवासी नरेंद्र कोसले, चंद्रहास, बिहार के धर्मवीर और विनय कुमार के साथ काम में जुटे थे। चारों मजदूर फर्नेस में पिघले हुए आयरन को लैडर में डाल रहे थे। इस दौरान खौलता हुआ लोहा उनके ऊपर गिर गया। गर्मी और पिघले लोहे की चपेट में आते ही चारों मजदूर छटपटाते हुए गिर पड़े। साथी कर्मियों ने उन्हें तत्काल बाहर निकाला और प्लांट में खड़ी अधिकारी की कार से अस्पताल पहुंचाया।
सभी घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चारों मजदूर 25 से 40 प्रतिशत झुलस गए हैं। फिलहाल, डॉक्टर चारों का इलाज कर रहे हैं। मामले में पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग की तरफ से जांच शुरू कर दी गई है।
खौलता आयरन गिरा, कर्मियों ने लगाए ये आरोप
घायल विनय कुमार ने बताया कि, काम के दौरान लैडर का रिंग कटने से खौलता हुआ गर्म आयरन सीधा उनके ऊपर गिरने से चारों झुलस गए। उन्होंने प्रबंधन पर सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण जैकेट और अन्य सामान नहीं देने का आरोप लगाया है। घायल कर्मचारियों ने नोवा प्लांट के प्रबंधन पर बिना सुरक्षा उपकरण के काम लेने का आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि प्लांट के सबसे संवेदनशील क्षेत्र में कर्मचारी बिना सुरक्षा जैकेट, चश्मा और ईयर प्लग के काम करते हैं।
घटना की वजह क्या बनी, अभी साफ नहीं
हादसे के बाद प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के बीच दहशत का माहौल है। हादसा पिघले आयरन को सांचे में डालने के दौरान हुआ। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई या सुरक्षा उपकरणों की कमी के चलते। इससे पहले भी जिले कई प्लांट में इस तरह के हादसे हो चुके हैं।
